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सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उन चार बैंक अकाउंट्स को ऑपरेट करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया, जिन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस ने साइबर क्राइम की शिकायत के सिलसिले में फ्रीज कर दिया था। मामले में सुनवाई के दौरान जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने कहा- चुनाव आयोग ने पार्टी का चुनाव चिह्न फ्रीज कर दिया है और खातों में मौजूद फंड का असली हकदार कौन है, यह बड़ा सवाल अभी कलकत्ता हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए वे इस मामले की गहराई में नहीं जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस मामले के गुण-दोष में नहीं जाना चाहते और अनुच्छेद 136 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करने के पक्ष में नहीं हैं। हम कलकत्ता हाईकोर्ट से अनुरोध करते हैं कि वह इस मामले की सुनवाई में तेजी लाए। हाईकोर्ट के आदेश पर खाते हुए हैं फ्रीज टीएमसी ने बीते 27 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट से पश्चिम बंगाल पुलिस की तरफ से बैंकों में फ्रीज किए गए अपने चार खातों को चलाने की अनुमति मांगी थी। पार्टी का तर्क था कि इन खातों को फ्रीज करने से जुड़ी एफआईआर (FIR) में प्रक्रियागत कमियां थीं। लेकिन, हाईकोर्ट ने इन खातों को अनफ्रीज करने से मना कर दिया था। टीएमसी के इन चार बैंक अकाउंट्स में 804 करोड़ रुपए जमा हैं। अदालत का मानना था कि ऐसी राहत देने से उसका वह पिछला आदेश कमजोर हो जाता, जिसमें पार्टी को केवल अपने रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने की छूट दी गई थी। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप, ED कर रहा है जांच दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहा है। ईडी (ED) का आरोप है कि कोलकाता स्थित ‘केयरवेल एविएशन’ के जरिए 160 करोड़ रुपये के पार्टी फंड की हेराफेरी की गई है। इसी जांच के तहत ईडी ने एचडीएफसी बैंक में टीएमसी के तीन खातों में मौजूद 440 करोड़ रुपए फ्रीज किए हैं। दो TMC गुटों के दावे पर चुनाव आयोग का फैसला बाकी कोर्ट ने कहा कि खातों को किस गुट को दिया जाना है, इस पर पहले चुनाव आयोग को फैसला करना चाहिए। TMC में एक गुट ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला है, जबकि दूसरा पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला है। बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने की जांच रिपोर्ट भी कोर्ट के सामने रखी गई। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC गुट ने 7 जुलाई को पुलिस साइबर सेल की ओर से चार बैंक खाते फ्रीज किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था। TMC की तरफ से कोर्ट में मेनका गुरुस्वामी ने कहा कि 9 जुलाई के आदेश के तहत करीब 200 कर्मचारियों की सैलरी और पार्टी के कुछ कार्यालयों का किराया दिया जा रहा है। पहले बागी गुट की शिकायत पर खाते फ्रीज किए थे 18 जून को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि TMC के एक निजी बैंक में मौजूद तीन खाते अपराध की कमाई रखने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। FIR दर्ज होने के अगले ही दिन इन खातों से डेबिट लेनदेन पर रोक लगा दी गई। यह शिकायत TMC के बागी गुट के नेताओं, विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की ओर से की गई थी। यही शिकायत बैंक खातों के फ्रीज होने का आधार बनी। ————— ये खबर भी पढ़ें… बंगाल- कांग्रेस कैंडिडेट को मिली जमानत पर सरकार कोर्ट पहुंची:सुप्रीम कोर्ट बोला- आपकी याचिका खारिज होगी, लेकिन हम ऐसा सोमवार को करेंगे पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को मिली अंतरिम जमानत के खिलाफ बंगाल की भाजपा सरकार बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट से कहा कि मिलन प्रधान हत्या के केस में गिरफ्तार किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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SC का TMC के 4 अकाउंट्स अनफ्रीज करने से इनकार:कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा- जल्द सुनवाई करें, पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न से जुड़ा है विवाद