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उन्नाव में गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी से तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर बाढ़ के हालात बिगड़ने लगे हैं। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कई नए क्षेत्रों में पानी पहुंच गया है। इससे लोगों में हड़कंप मचा है। घरों के आसपास पानी भरने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में नावों की संख्या बढ़ा दी है। सोमवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 112.38 मीटर था, जो मंगलवार शाम छह बजे बढ़कर 112.51 मीटर पहुंच गया। बुधवार सुबह जलस्तर 112.60 मीटर दर्ज किया गया। इस तरह मंगलवार शाम से बुधवार सुबह तक 12 घंटे में नौ सेमी की बढ़ोतरी हुई। गंगा अब खतरे के निशान 113 मीटर से महज 40 सेमी नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में जारी बारिश और प्रमुख बांधों में पानी बढ़ने के बाद गंगा में पानी छोड़े जाने का असर उन्नाव में भी दिखाई दे रहा है। जलस्तर बढ़ने की रफ्तार कुछ कम कानपुर स्थित गंगा बैराज के सभी गेट खुले हैं। हालांकि पिछले दो दिनों में जलस्तर बढ़ने की रफ्तार कुछ कम हुई है। फिलहाल पानी करीब एक सेमी प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है। यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो सप्ताह के अंत तक गंगा खतरे के निशान को पार कर सकती है। जलस्तर बढ़ने के बाद श्रीनगर इलाके में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। घरों के सामने पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक जलस्तर बढ़ने के साथ ही स्थिति दोबारा बिगड़ने लगी है। पानी बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों की चिंता भी बढ़ गई है। ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या मालवीय नगर में जलस्तर कम होने के बाद कुछ समय पहले नाव हटा ली गई थी, लेकिन पानी फिर बढ़ने के बाद दोबारा नाव लगा दी गई है। ग्रामीण क्षेत्र गगनीखेड़ा और फत्तेखेड़ा में भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इससे ग्रामीणों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है।
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उन्नाव में फिर बिगड़े बाढ़ के हालात:गंगा खतरे के निशान से महज 40 सेमी नीचे, 22 नावें लगाईं