सरयू, रोहिन खतरे के निशान से ऊपर पहुंची:दोपहर बाद कई गांव पानी से घिरे; लोग सुरक्षित स्थान पर जा रहे


नेपाल में पहाड़ों पर हो रही भारी वर्षा का असर गोरखपुर व आसपास के क्षेत्रों में भी नजर आने लगा है। गोरखपुर में सरयू, रोहिन व कुआनो नदियां खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी हैं, जिससे आसपास के गांवों के लोगों में दहशत है। सरयू नदी का पानी अचानक बढ़ने से बड़हलगंज क्षेत्र के कुछ गांवों में दोपहर बाद पानी भरने लगा। जिससे लोग निकलकर सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। इधर, राप्ती नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। मंगलवार की रात तक इस नदी के भी खतरे के निशान तक पहुंच जाने की संभावना है। रात 1 बजे तक नदी खतरे के बिन्दु से 18 सेमी नीचे बह रही थी। कुशीनगर में तटबंध टूटने के बाद गोरखपुर में भी सक्रियता बढ़ा दी गई है। यहां मौजूद मुख्यमंत्री ने भी इस बात का संज्ञान लिया है। मानसून के दौरान गोरखपुर के नदियों में बाढ़ के हालात नहीं थे लेकिन हाल के कुछ दिनों में नेपाल में हो रही भारी बारिश का असर साफ नजर आने लगा है। नेपाल से आने वाली नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। दो दिनों में राप्ती नदी 2 मीटर से अधिक बढ़ गई है। राप्ती नदी का खतरे का निशान 74.98 मीटर पर निर्धारित किया गया है। नदी यहां तक पहुंचने वाली है। इसके साथ ही त्रिमुहानी घाट पर रोहिन नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है। रोहिन नदी गोरखपुर के डोमिनगढ़ में राप्ती में मिलती है। इस पानी से भी राप्ती का जलस्तर बढ़ेगा। उधर सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे राप्ती का पानी तेजी से सरयू में नहीं जा पाएगा और इससे जुड़े क्षेत्रों में भी बाढ़ का खतरा पैदा हो जाएगा। सरयू नदी अयोध्या में खतरे के निशान से 16 सेमी ऊपर बह रही है। 29 सितंबर की सुबह 9 बजे तक नदी 22 सेमी तक ऊपर पहुंच जाएगी। इसी तरह बलिया के तुर्तीपार में यह नदी खतरे के निशान से 39 सेमी ऊपर है। सुबह 9 बजे तक इसके 47 सेमी ऊपर हो जाने की उम्मीद है। गोरखपुर इन दोनों स्टेशन के बीच पड़ता है। नदी अभी भी बढ़ रही है। बात राप्ती नदी की करें तो मंगलवार की सुबह 9 बजे तक इसके खतरे के बिन्दु से 11 सेमी नीचे रहने का अनुमान है। रोहिन नदी खतरे के बिन्दु पर स्थिर है। कुआनो नदी खतरे के निशान से लगभग डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है। हालांकि इस नदी का जलस्तर नीचे आ रहा है। नेपाल की पहाड़ियों में बारिश कम हुई नेपाल की पहाड़ियों में बारिश कम होने की सूचना है। जिसके बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले कुछ घंटों में इसका असर नजर आएगा। धीरे-धीरे नदियों के जलस्तर में कमी आएगी। कुआनो एवं रोहिन नदी के जलस्तर में कमी दर्ज की जाने लगी है। इसी तरह पीछे से राप्ती नदी के जलस्तर में भी कमी देखी गई। इसके बढ़ने की रफ्तार भी अपेक्षाकृत कम हो चुकी है।
देर रात कुशीनगर में तटबंध टूटने का CM ने लिया संज्ञान कुशीनगर में सोमवार देर रात नारायणी नदी का कहर कई गांवों पर बरपा। यहां एपी तटबंध के ततवा टोला के पास बांध टूट गया, जिससे व्यापक हानि का अनुमान है। जानकारी मिलते ही गोरखपुर में मौजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देर रात ही सक्रिय हो गए। उनके निर्देश पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन व राहत से जुड़ी टीमें राहत-बचाव कार्य में जुट गईं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देर रात ही गोरखपुर के आयुक्त, एडीजी, कुशीनगर के जिलाधिकारी आदि से संपूर्ण जानकारी हासिल की। उन्होंने तत्काल राहत-बचाव कार्य प्रारंभ कर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने आपदा से जुड़ी टीम, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ आदि को भी मोर्चा संभालने का निर्देश देते हुए व्यापक स्तर पर बचाव कार्य करने को कहा।

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