ईडी अधिकारी बन 8 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा:रिटायर्ड बैंक अफसर से 96.65 लाख ठगे, फिरौती के केस में फंसाने की धमकी दी


लखनऊ के इंदिरानगर के दीपक नगर निवासी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी आदेश कुमार सिंह को साइबर ठगों ने ईडी अधिकारी बनकर आठ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने उनके आधार कार्ड से मुंबई में सिम जारी होने और उससे फिरौती मांगने की बात कहकर गिरफ्तारी की धमकी दी। इसके बाद जांच के नाम पर उनकी एफडी तुड़वा दी और 19 से 24 सितंबर के बीच अलग-अलग खातों में करीब 96.65 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। अतिरिक्त रकम मांगने पर आदेश को शक हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत की। पहले ईडी अधिकारी बनकर कॉल की, फिर पुलिस की वर्दी में वीडियो कॉल आदेश ने पुलिस को बताया कि 17 सितंबर को दोपहर करीब एक बजे उनके पास अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ईडी अधिकारी बताया। उसने कहा कि उनके आधार कार्ड से मुंबई में सिम कार्ड खरीदा गया है, जिसका इस्तेमाल लोगों से फिरौती मांगने में किया जा रहा है। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने की बात कहते हुए आरोपी ने कहा कि बेगुनाही साबित करने के लिए एनओसी लेनी होगी। ऐसा नहीं करने पर गिरफ्तारी की धमकी दी। कुछ देर बाद उसी नंबर से वॉट्सऐप वीडियो कॉल आई। इसमें एक युवक पुलिस अधिकारी की वर्दी में दिखाई दिया। आरोपी ने आदेश के नाम का अरेस्ट वारंट भी वॉट्सऐप पर भेज दिया। इसके बाद पूछताछ में सहयोग करने पर छोड़ने की बात कहकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। एफडी तुड़वाकर खाते में जमा रकम भी ट्रांसफर कराई आरोपियों ने 19 सितंबर को जांच के नाम पर आदेश से उनकी पूरी जमा पूंजी अपने बताए बैंक खातों में ट्रांसफर करने को कहा। दबाव बनाकर उनकी एफडी भी तुड़वा दी गई। इसके बाद 19 से 24 सितंबर के बीच एफडी और बैंक खातों में जमा रकम मिलाकर करीब 96.65 लाख रुपए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए। और रकम मांगने पर हुआ शक, बैंक पहुंचे आदेश के मुताबिक 24 सितंबर को आरोपी उन्हें कॉल पर उलझाए रहा और अतिरिक्त रकम की मांग करने लगा। इस पर उन्हें शक हुआ। उन्होंने कॉल काटी और तत्काल इंडियन बैंक की इंदिरानगर शाखा पहुंचे। बैंक अधिकारियों से खाते से निकली रकम को होल्ड कराने की गुजारिश की, लेकिन तब तक ठग रकम निकाल चुके थे। आरोप है कि ठगी में शामिल एक अन्य व्यक्ति अभी भी उन्हें कॉल कर खुद को ईडी इंस्पेक्टर विजय खन्ना बता रहा है और लगातार रकम की मांग कर रहा है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर आलोक राय ने बताया कि पीड़ित को जिन नंबरों से कॉल की गई, उन्हें ट्रेस किया जा रहा है। रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई है, उनसे भी संपर्क किया जा रहा है। डिजिटल अरेस्ट से बचने के लिए क्या करें इंस्पेक्टर के मुताबिक अनजान नंबर से कॉल आने पर सतर्क रहें। कॉल करने वाला अगर आपके नाम से पार्सल बुक होने, कस्टम विभाग द्वारा पकड़े जाने या किसी केस में कार्रवाई की बात कहे तो घबराएं नहीं। ऐसे मामलों में कॉल साइबर ठगों की हो सकती है। तत्काल कॉल काटकर पुलिस को सूचना दें। डिजिटल अरेस्ट हों तो परिवार को बताएं एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने बताया कि किसी भी सरकारी एजेंसी को वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट करने का अधिकार नहीं है। अगर कोई खुद को पुलिस, ईडी, सीबीआई या किसी अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट करने की बात कहे तो कॉल काट दें। इसकी जानकारी तुरंत परिवार को दें और नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।

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