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उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव का बिगुल बज चुका है। 29 सितंबर से नामांकन शुरू हो जाएगा और कद्दावर नेता भाजपा से टिकट पाने की जुगत में लगे हैं। इस बार भाजपा का टिकट पाने के लिए कई दावेदार हैं। वर्तमान MLC ध्रुव कुमार त्रिपाठी टिकट के लिए लखनऊ में जमे हैं। पिछली बार वह प्रदेश में शर्मा गुट के इकलौते MLC थे। इस बार शर्मा गुट ने अभी तक यहां से प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। दूसरी ओर गोरखपुर के रहने वाले डिग्री कालेज के शिक्षक एवं स्कूल, कालेजों की श्रृंखला नवल्स ग्रुप के चेयरमैन डा. संजयन त्रिपाठी भी मजबूत दावा पेश कर रहे हैं। अजय सिंह भी टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। पिछले चुनाव में दूसरा स्थान पाने वाले टिकट किसे मिलेगा, यह अभी तय नहीं हो पाया है। दबाव बढ़ने पर पार्टी पिछले चुनाव की तरह इस बार भी मैदान से खुद को बाहर भी कर सकती है। दूसरी ओर, सपा काफी पहले ही कमलेश यादव को अपना प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। ध्रुव कुमार त्रिपाठी माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के कद्दावर नेता माने जाते हैं। वह 3 बार इस सीट से MLC चुने जाते रहे हैं। पिछले साल शर्मा गुट से चुनाव जीतने वाले वह एकमात्र प्रत्याशी थे। पिछली बार भाजपा ने यहां से किसी को अधिकृत प्रत्याशी नहीं बनाया था। यही कारण है कि भाजपा के कार्यकर्ता खुलकर मैदान में नहीं उतरे। इसका फायदा अजय सिंह को भी हुआ और ध्रुव त्रिपाठी को भी। लेकिन इस बार कई महीनों से ध्रुव त्रिपाठी भाजपा से टिकट पाने के दावेदार हैं। मुख्यमंत्री के करीबी माने जाते हैं ध्रुव ध्रुव त्रिपाठी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का करीबी माना जाता है। शिक्षक संगठनों में इस बात की चर्चा है कि ध्रुव कुमार त्रिपाठी को आसानी से भाजपा का टिकट मिल जाएगी। जबकि डा. संजयन त्रिपाठी को प्रदेश अध्यक्ष के निकट माना जाता है। अब देखना यह होगा कि पार्टी किस प्रत्याशी को मैदान में उतारती है। जानिए शर्मा गुट क्या करेगा? शर्मा गुट ने प्रदेश की कुछ सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं लेकिन गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र में अभी तक प्रत्याशी घोषित नहीं है। इस निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन एवं अयोध्या मंडल के 17 जिलों के शिक्षक इसमें वोट डालेंगे। इनमें सरकारी, एडेड, वित्तविहीन इंटर कालेज, इंजीनियरिंग कालेज, मेडिकल कॉलेज आदि संस्थाओं के शिक्षक अपना वोट देते हैं। एडेड कालेजों में शर्मा गुट की अच्छी दखल माना जाता है। शर्मा गुट के नेता ध्रुव त्रिपाठी में अपना विश्वास जगा रहे हैं। संगठन के सूत्रों की मानें तो सभी 17 जिलों – गोरखपुर, महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, अमेठी में शर्मा गुट के जिलाध्यक्षों ने ध्रुव कुमार त्रिपाठी के पक्ष में अपना समर्थन दे दिया है। गोरखपुर के संगठन ने उनका प्रचार भी शुरू कर दिया है। लगातार 3 बार दर्ज की जीत शर्मा गुट ने पहली बार 2008 में ध्रुव कुमार त्रिपाठी को टिकट दिया था। उस समय शर्मा गुट का टिकट जीत की गारंटी माना जाता था। ध्रुव चुनाव जीते और विधान परिषद पहुंचे। 2014 में शर्मा गुट से ही ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने दूसरी बार जीत दर्ज की। 2020 में एक बार फिर चुनाव आया तो शर्मा गुट ने ध्रव को प्रत्याशी बनाया और कड़े मुकाबले में वह जीत हासिल करने में कामयाब रहे। लेकिन इस बार ध्रुव त्रिपाठी भाजपा के बैनर तले चुनाव लड़ना चाहते हैं। शर्मा गुट उनके साथ होने का दावा कर चुका है। पूरी ताकत लगाकर प्रचार में जुटे हैं संजयन डा. संजयन त्रिपाठी राजनीति में ज्यादा दिनों से सक्रिय हैं। लोकसभा व विधानसभा के लिए टिकट की दावेदारी की लेकिन टिकट नहीं मिला। इसी तरह खंड स्नातक के चुनाव में वह दो बार दावेदारी कर चुके हैं। 2010 एवं 2017 के चुनावों में वह दूसरे स्थान पर रहे। 2022 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली। 2023 के स्नातक निर्वाचन में वह भाजपा से टिकट के दावेदार थे। लेकिन जब टिकट देवेंद्र सिंह को मिला तो डा. संजयन ने चुनाव न लड़ने का फैसला करते हुए उनका समर्थन कर दिया। उसके बाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव की तैयारी में जुट गए। इस बार भी व भाजपा से टिकट का दावा कर रहे हैं। डा. संजयन त्रिपाठी पेशे से शिक्षक हैं और स्कूलों का संचालन करते हैं।
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शिक्षक निर्वाचन में भाजपा से टिकट के कई दावेदार:वर्तमान MLC ध्रुव कुमार त्रिपाठी लखनऊ में जमे; डा. संजयन का भी दावा