गोरखपुर में जेल से छूटा छात्र नेता सतीश:समर्थकों ने माला पहना कर स्वागत किया, बम से उड़ाने की धमकी देने का आरोप


दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में दो छात्र गुटों के बीच हुए विवाद के बाद जेल गए सतीश प्रजापति को शुक्रवार को जमानत मिल गई। देर रात वह जेल से बाहर आया। इस दौरान समर्थकों ने माला पहनाकर छात्र नेता का स्वागत किया। सतीश पर लूट और बम से उड़ा देने की धमकी देने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने उसे रिमांड पर लेने के लिए एप्लीकेशन दिया था लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दिया। जिसके बाद रिहाई का रास्ता साफ हुआ। पुलिस के अनुसार आगे की कार्रवाई जारी है। जानिए क्या है पूरा मामला…
22 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे दो छात्र गुटों के बीच विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया और कैंट थाने ले गई। विवाद के बाद एबीवीपी के विभाग संयोजक प्रशांत त्रिपाठी की तहरीर पर सतीश प्रजापति, उज्ज्वल सिंह, सत्यम समेत अन्य के खिलाफ मारपीट, लूट और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया था। तहरीर में 1068 रुपये और जरूरी दस्तावेज छीनने के साथ बम से उड़ाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद कैंट पुलिस ने सतीश को शांतिभंग की आशंका में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मामले में पुलिस ने लूट के मुकदमे में रिमांड लेने के लिए कोर्ट में एप्लीकेशन दिया था। रिमांड पर लेने का एप्लीकेशन निरस्त हुआ
हालांकि गुरुवार को सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज कर दी थी। आरोपी छात्र नेताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज शाही ने पैरवी की थी। इसके बाद सतीश की रिहाई का रास्ता साफ हुआ। सदस्यता अभियान के दौरान हुआ था विवाद
विवाद विश्वविद्यालय में सदस्यता अभियान को लेकर दोनों छात्र गुटों के बीच चल रही तकरार के बाद हुआ था। साथ ही सोशल मीडिया पर बयानबाजी भी इसकी वजह रही। घटना के बाद पुलिस ने परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी थी। सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों की ओर से चल रही गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है। सतीश के जेल से छूटने की खुशी उनके समर्थकों में साफ तौर पर दिख रही है। सोशल मीडिया पर पोस्ट और कमेंट के जरिए उनको बधाई दे रहे हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *