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काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहयोग से उत्तर प्रदेश चैप्टर, एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया का 43वां वार्षिक सम्मेलन 26 और 27 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन से पहले 25 सितंबर को प्री-कॉन्फ्रेंस CME का आयोजन होगा। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “Precision, Prevention and Progress in Internal Medicine” रखी गई है। सम्मेलन में इंटरनल मेडिसिन के क्षेत्र में तेजी से हो रहे बदलाव, आधुनिक जांच तकनीक, नई दवाओं और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान एवं रोकथाम पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, उत्तराखंड, बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों से चिकित्सक, चिकित्सा शिक्षक, शोधकर्ता और विशेषज्ञ इसमें शामिल होंगे। डायबिटीज की नई दवाओं और इलाज पर चर्चा सम्मेलन में डायबिटीज के आधुनिक उपचार पर विशेष सत्र होंगे। डायबिटीज में लंबे समय तक बढ़ी हुई ब्लड शुगर से हृदय, किडनी, आंखों और नसों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में केवल शुगर नियंत्रित करने के बजाय मरीज के हृदय और किडनी की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उपचार की नई रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। नई पीढ़ी की दवाओं और उनके इस्तेमाल से जुड़े अनुभव भी विशेषज्ञ साझा करेंगे। लिपिड डिसऑर्डर और कोलेस्ट्रॉल लिपिड डिसऑर्डर यानी शरीर में कोलेस्ट्रॉल और अन्य वसा का असंतुलन हार्ट अटैक और स्ट्रोक के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। सम्मेलन में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को नियंत्रित करने, हाई रिस्क मरीजों की पहचान और आधुनिक लिपिड-लोअरिंग दवाओं के उपयोग पर चर्चा होगी। हार्ट अटैक से बचाव और उपचार प्रोफेसर केके गुप्ता ने कहा – हार्ट अटैक के मामलों में समय पर पहचान और उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। विशेषज्ञ हार्ट अटैक के जोखिम कारकों, शुरुआती लक्षणों, आधुनिक उपचार पद्धतियों और हार्ट अटैक के बाद मरीज की देखभाल पर अपने अनुभव साझा करेंगे। डायबिटीज और लिपिड डिसऑर्डर जैसे कारकों को नियंत्रित कर हृदय रोग के खतरे को कम करने पर भी जोर रहेगा। हीमोफीलिया पर भी चर्चा सम्मेलन में हीमोफीलिया जैसी रक्तस्राव संबंधी बीमारी पर भी चर्चा होगी। इसमें खून का थक्का बनने के लिए जरूरी कुछ क्लॉटिंग फैक्टर की कमी होती है, जिसके कारण चोट लगने या कभी-कभी बिना स्पष्ट चोट के भी लंबे समय तक रक्तस्राव हो सकता है। आधुनिक उपचार और मरीजों के बेहतर प्रबंधन से संबंधित नई जानकारियां विशेषज्ञ साझा करेंगे। इंफेक्शन के आधुनिक इलाज पर मंथन इंफेक्शन के इलाज में सही बीमारी की पहचान और उपयुक्त दवा का चयन महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञ गंभीर संक्रमण, एंटीबायोटिक के सही इस्तेमाल और दवा प्रतिरोध यानी एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। संक्रमण को जल्द पहचानकर प्रभावी उपचार देने की आधुनिक रणनीतियों पर भी मंथन होगा।
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डायबिटीज, हार्ट अटैक और नई दवाओं पर मंथन:वाराणसी में जुटेंगे देशभर के चिकित्सक,BHU द्वारा होगा आयोजन