गोरखपुर में पॉक्सो कोर्ट में पांचवी गवाही पूरी:सिपाही ने 10 की बच्ची से रेप और हत्या की थी, अगली सुनवाई 25 सितंबर को


गोरखपुर जिला अस्पताल से सिपाही ने 10 साल की बच्ची को अगवाकर रेप और हत्या किया था। मामले में गुरुवार को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में 5वीं गवाही पूरी हो गई। सरकारी वकील ने मानीराम स्थित सरस्वती विद्या मंदिर, चिउटहां की प्रिंसिपल गरिमा उपाध्याय को कोर्ट में पेश किया। उन्होंने स्कूल के सीसीटीवी फुटेज की पुष्टि की, जो पुलिस को जांच के दौरान दी गई थी। इसके बाद आरोपी के वकील ने उनसे सवाल-जवाब किए। अब अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। स्कूल की प्रिंसिपल ने कोर्ट में साबित की CCTV फुटेज
मामले की सुनवाई के दौरान प्रधानाचार्या गरिमा उपाध्याय ने अदालत में पेश होकर अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने विद्यालय के परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की वह फुटेज कोर्ट को उपलब्ध कराई और उसकी सत्यता को साबित किया, जिसे उन्होंने पहले जांच अधिकारी (विवेचक) को सौंपी थी। यह फुटेज आरोपी के खिलाफ सबूतों की कड़ी को जोड़ने में बेहद अहम मानी जा रही है। प्रिंसिपल का बयान दर्ज होने के बाद आरोपी (बचाव पक्ष) के वकील ने गवाह से अदालत में जिरह (सवाल-जवाब) की प्रक्रिया पूरी की। दोनों पक्षों की दलीलें और बयान दर्ज करने के बाद अदालत ने इस केस में अगली गवाही और सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तिथि नियत कर दी है। जानिए क्या था पूरा मामला?
28 जुलाई को 10 साल की बच्ची जिला अस्पताल में भर्ती अपनी बड़ी बहन को खाना देने गई थी। लौटते समय घर नहीं पहुंची। खोजबीन के दौरान हॉस्पिटल का CCTV फुटेज चेक किया गया। जिसमें एक सिपाही बच्ची को अपनी बाइक पर बैठकर ले जाता हुआ नजर आया। पुलिस ने अगले दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसमें अपना जुल्म कबूल करते हुए बताया कि बच्ची के साथ रेप के बाद हत्या कर फेंक दिया है। 30 जुलाई को उसका शव चिउटहां सहित रोहिन नदी के पास मिला। पुलिस ने आरोपी सिपाही को जेल भेज दिया। फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी पेश की गई
पुलिस ने मामले की गहन विवेचना पूरी करने के बाद आरोपी बर्खास्त सिपाही के खिलाफ रेप, मर्डर और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं में अदालत में चार्जशीट दाखिल किया था। बाद में जब इस मामले से जुड़ी फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट पुलिस को मिली, तो नए वैज्ञानिक तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी पेश की गई। मुकदमे की सुनवाई प्रक्रिया के तहत अभियोजन पक्ष की ओर से कोर्ट में अब तक मृतिका के पिता, बड़ी बहन, थाने में FIR दर्ज करने वाले लेखक, डिजिटल साक्ष्यों की जांच करने वाले डेटा विश्लेषक और विद्यालय की प्रधानाचार्या गरिमा उपाध्याय की गवाही पूरी हो गई है।

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