नाबालिग के इलाज को DM ने तत्काल बनवाया आयुष्मान कार्ड:माता-पिता का हो चुका है निधन, दोनों बहनें रोते हुए पहुंची थी डीएम के जनता दर्शन


आंखों में आंशू, चेहरे पर बेबसी और हाथ में एप्लीकेशन लेकर डीएम के जनता दर्शन में पहुंची दो बहनों को देखकर कानपुर के डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह भी भावुक हो गए। उन्होंने दोनों बहनों को कुर्सी पर बैठाया और उनका प्रार्थना पत्र लिया। इसके बाद उनके 17 साल के छोटे भाई की आंखों के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड जारी करने की बात कही। भाई के इलाज को आयुष्मान कार्ड मिलते ही दोनों बहनों ने राहत की सांस ली। जबकि दोनों बहनें भाई के इलाज को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अफसरों के चौखट की चक्कर काटकर परेशान हो गई थीं। गरीबी के बाद भी भाई को नहीं मिल रहा था इलाज डीएम के जनता दर्शन में सोमवार को विजय नगर निवासी प्रियंका यादव अपनी बहन के साथ पहुंची। डीएम के सामने पहुंचते ही फफक पड़ी, प्रियंका ने बताया कि उनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है। घर में कोई कमाने वाला नहीं और 17 वर्षीय छोटे भाई को देखने में परेशानी है। उसकी आंख का ऑपरेशन कराया जाना है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इलाज कराना मुश्किल हो रहा है। अंत्योदय राशन कार्ड होने के बावजूद आयुष्मान कार्ड भी नहीं बन पा रहा है। जिलाधिकारी ने दोनों बहनों को बैठाया और बताया कि अब उनके भाई की इलाज कराने की जिम्मेदारी उनकी है। प्रियंका ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है। वह अपने दो छोटे भाई-बहनों के साथ रहती हैं और परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है। उनके 17 वर्षीय भाई राहुल यादव को देखने में परेशानी है और उसकी आंख का ऑपरेशन कराया जाना है। धन के अभाव में परिवार को इलाज कराने में मुश्किल आ रही थी। परिवार के पास अंत्योदय राशन कार्ड है, इसके बावजूद आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा था। जिलाधिकारी ने प्रियंका की समस्या सुनने और प्रार्थना पत्र देखने के बाद आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी एवं डिप्टी सीएमओ डॉ. एस.पी. यादव से तत्काल फोन पर बात की। उन्होंने दोनों बहनों को उनके पास भेजते हुए जरूरी दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी कराया। चंद घंटे में आयुष्मान कार्ड बनवाकर दिया कुछ ही घंटों में आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सौंप दिया। आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद प्रियंका ने जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाई की आंख के इलाज को लेकर परिवार चिंतित था। आयुष्मान कार्ड मिलने से अब भाई का इलाज कराने में मदद मिलेगी और बीमारी की स्थिति में परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा भी मिल सकेगी। जिलाधिकारी ने प्रियंका को आश्वस्त किया कि आवश्यकता पड़ने पर परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

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