![]()
मेरठ में देहलीगेट थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। करीब साढ़े छह महीने तक पुलिस स्तर पर कार्रवाई न होने के बाद कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज करने में भी पुलिस ने आरोपी को राहत दे दी। आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद घटना से जुड़ी कई धाराओं को मुकदमे में शामिल नहीं किया गया। अब पीड़ित ने मंगलवार को एसएसपी से शिकायत करने की बात कही है। देहलीगेट नादिर अली बिल्डिंग निवासी एडवोकेट फराज फरहत के मुताबिक उनके पड़ोस में तौकीर इकराम रहता है। आरोप है कि तौकीर आए दिन उनके घर के बाहर सड़ा-गला मांस फेंक देता है, जिससे आसपास गंदगी और दुर्गंध फैलती है। फराज का यह भी आरोप है कि आरोपी जानबूझकर आवारा कुत्तों को वहां इकट्ठा करता है। इसके चलते इलाके में कई कुत्ते आक्रामक हो गए हैं और लोगों पर हमला भी कर चुके हैं। थाने में शिकायत का भी नहीं मिला नतीजा
फराज ने बताया कि कुछ महीने पहले उन्होंने तौकीर की इन हरकतों का विरोध किया। आरोप है कि विरोध के बावजूद जब उसने अपना रवैया नहीं बदला तो उन्होंने देहलीगेट थाने में शिकायत की। उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से भी शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। सीएम पोर्टल पर भी नहीं मिला समाधान
फराज के मुताबिक उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल के अलावा नगर निगम के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को भी शिकायतें दीं, लेकिन किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि सड़ा मांस फेंकने और आवारा कुत्तों को जमा करने से केवल गंदगी ही नहीं फैल रही, बल्कि स्थानीय लोगों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी खतरा बना हुआ है। कुत्तों के हमले का भी खतरा बढ़ा
फराज का आरोप है कि इलाके के कई लोग तौकीर की इन हरकतों का विरोध कर चुके हैं। उनका दावा है कि विरोध करने पर वह लोगों से विवाद करने लगता है। वहीं, सड़ा मांस डाले जाने के कारण आवारा कुत्ते वहां जमा होते हैं और उनमें से कई आक्रामक हो चुके हैं। आरोप है कि इन कुत्तों ने लोगों पर हमला भी किया है। वीडियो को आधार बनाकर कोर्ट ने दिए मुकदमे के आदेश
एडवोकेट फराज फरहत के मुताबिक उन्होंने न्यायालय के समक्ष अपनी शिकायत के साथ घटना से संबंधित वीडियो भी प्रस्तुत किए थे। उनका कहना है कि कोर्ट ने शिकायत का संज्ञान लेते हुए उपलब्ध साक्ष्यों का हवाला दिया और देहलीगेट थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश के बाद थाना पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, लेकिन फराज का आरोप है कि मुकदमा दर्ज करते समय भी पुलिस ने मामले को हल्का करने की कोशिश की। उनका कहना है कि शिकायत और कोर्ट के समक्ष रखे गए तथ्यों के बावजूद कई ऐसी धाराएं मुकदमे में शामिल नहीं की गईं, जो घटना की गंभीरता के अनुरूप लगाई जानी चाहिए थीं।
Source link
कोर्ट पहुंचा मामला तो मुकदमे में भी कर दिया ‘खेल’:एडवोकेट का आरोप- मांस फेंककर गंदगी फैलाता है पड़ोसी, आवारा कुत्तों को करता है इकट्ठा