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कानपुर में बदलते मौसम और बारिश के बीच शहर में संक्रमण का खतरा बढ़ने लगा है। शनिवार को स्वाइन फ्लू का एक नया मामला सामने आया, जबकि डेंगू के तीन नए मरीज मिले। स्वाइन फ्लू से संक्रमित महिला की हालत को देखते हुए उसे रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, डेंगू के तीन नए मरीज मिलने के साथ इस साल जिले में डेंगू संक्रमित मरीजों की संख्या 111 पहुंच गई है। मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मौसम में उतार-चढ़ाव और बारिश के बाद बढ़ी नमी के बीच वायरल संक्रमण के साथ मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। स्वाइन फ्लू संक्रमित महिला को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग मरीज के संपर्क में आए लोगों और संबंधित क्षेत्र में भी निगरानी कर रहा है। पानी जमा नहीं होने दें बारिश के बाद घरों और आसपास जमा साफ पानी में एडीज मच्छर पनपने की आशंका रहती है। यही मच्छर डेंगू फैलाने का प्रमुख माध्यम है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों में कूलर, गमले, टायर, छत और अन्य स्थानों पर पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने और सोते समय मच्छरदानी या अन्य सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज न करें डिप्टी सीएमओ डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बुखार, खांसी, गले में दर्द, सांस लेने में परेशानी या शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण होने पर जांच करानी चाहिए। डेंगू की आशंका में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द या त्वचा पर लाल चकत्ते जैसे लक्षणों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। नियमित जांच कराई जा रही उन्होंने बताया कि बीमार लोगों की नियमित जांच कराई जा रही है। संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में बचाव के उपायों की जानकारी देने के साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से आसपास साफ-सफाई रखने और मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों को खत्म करने की अपील की है।
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स्वाइन फ्लू का एक व डेंगू के तीन मरीज मिले:बरसात के मौसम में संक्रामक रोगी बढ़े, पानी जमा न होने देने की अपील