UPI शुल्क के विरोध में कांग्रेस ने चलाया हस्ताक्षर अभियान:उन्नाव में 2000 रुपये से ज्यादा के लेनदेन पर अतिरिक्त चार्ज वापस लेने की मांग


उन्नाव में यूपीआई से 2,000 रुपये से अधिक के भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को शहर में हस्ताक्षर अभियान चलाया। शहर कांग्रेस और कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ ने मिलकर छोटे चौराहे से बड़े चौराहे तक यह अभियान चलाया और लोगों व व्यापारियों से हस्ताक्षर कराए। कांग्रेस नेताओं ने सरकार से भुगतान व्यवस्था से जुड़े इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को हटाने की मांग की। कांग्रेस विकलांग प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव और प्रवक्ता तन्मय श्रीवास्तव ने कहा कि व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी हैं। उन्होंने बताया कि व्यापारी पहले से ही महंगाई, बढ़ते खर्च, बिजली बिल, किराया और कर्मचारियों के वेतन समेत कई तरह के व्यापार से जुड़े खर्चों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में भुगतान व्यवस्था से जुड़ी अतिरिक्त लागत का बोझ व्यापारियों पर डालना ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस व्यापारियों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाती रहेगी। सरकार को डिजिटल भुगतान व्यवस्था को मजबूत करने के साथ यह भी देखना चाहिए कि उसका आर्थिक बोझ छोटे दुकानदारों और व्यापारियों पर न आए। व्यापारियों को सुविधा और राहत चाहिए, न कि और आर्थिक दबाव। तन्मय श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से आम लोगों के साथ व्यापारियों पर भी आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के जरिए जनता की भावनाओं को सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर यह व्यवस्था वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर सरकार की नीतियों का विरोध करेंगे और पुतला फूंकेंगे। शहर कांग्रेस अध्यक्ष फैज फारूकी ने केंद्र सरकार से व्यापारी हितों को ध्यान में रखते हुए MDR व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारियों को किसी भी तरह के अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचाया जाना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ व्यापारियों की सुविधा और आर्थिक हितों का भी ध्यान रखना जरूरी है। कांग्रेस नेताओं ने बताया कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से व्यापारियों और आम लोगों की आपत्तियों को एकजुट कर सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आगे भी इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की बात कही। विरोध प्रदर्शन में नसीम खान, इम्तियाज, शाश्वत बाजपेई, सरफराज गांधी, शकील खान, ओम पांडे, मीसम रजा, आशीष त्रिपाठी, ज्योति आर्या, अरविंद सोनी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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