Ashutosh Maharaj Shankaracharya Youn Shoshan Yatra

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन उत्पीड़न का केस कराने वाले आशुतोष महाराज अब इस मुद्दे पर देशभर में सनातन न्याय यात्रा निकालने की तैयारी में हैं।

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शंकराचार्य के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक केस लड़ने वाले आशुतोष महाराज का कहना है कि भगवान आदिगुरु शंकराचार्य की गद्दी की सुरक्षा, सनातन परंपरा की रक्षा तथा संस्कृत विद्यालय और गुरुकुलों में बटुकों के साथ किसी भी प्रकार के यौन शोषण और उत्पीड़न को रोकने के लिए देशव्यापी अभियान शुरू करने जा रहे हैं।

सनातन न्याय यात्रा के संबंध में आशुतोष महाराज ने साधु-संतों, दंडी स्वामियों, महंतों और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें संकल्प लिया गया कि शंकराचार्य परंपरा की मर्यादा बनाए रखने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए जल्द ही देशभर में “सनातन न्याय यात्रा” निकाली जाएगी, जो जन-जन से लेकर न्यायालय और शासन-प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाएगी।

धमकी से नहीं डरे, सुप्रीम कोर्ट में पैरवी करेंगे

श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट मथुरा के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे यात्रा की तैयारी तत्काल प्रारंभ करें और शांतिपूर्ण, विधिसम्मत तरीके से समाज में जनजागरण अभियान चलाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि हाल ही में पाकिस्तान के एक अज्ञात नंबर से मिली बम धमकी के बावजूद संगठन किसी भी प्रकार के भय से विचलित नहीं होगा और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से सत्य की स्थापना हेतु सुप्रीम कोर्ट में दाखिल विशेष अनुमति याचिका (SLP) की पैरवी पहले से अधिक मजबूती से की जाएगी।

आशुतोष महाराज का कहना है कि साधु-संतों, दंडी स्वामियों और महंतों ने एक स्वर में कहा कि शंकराचार्य परंपरा, गुरुकुल व्यवस्था और बटुकों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए संगठित एवं सशक्त प्रयास आवश्यक हैं।

जानिये सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के लिए मिली धमकी

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज को जान से मारने की धमकी मिली है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया- अंजान नंबर से कॉल करने वाले ने कहा कि शंकराचार्य के केस की पैरवी बंद कर दो वरना बम से उड़ा देंगे। तुम्हे और तुम्हारे वकील सौरभ गुप्ता को उठवा लेंगे।

आशुतोष ब्रह्मचारी ने धमकी मिलने के बाद शामली पुलिस से शिकायत की है। शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार शाम को पुलिस टीम उनके घर पहुंची और जानकारी ली।

पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, 25 मार्च को अज्ञात मोबाइल नंबर +923200605681 से धमकी वाली कॉल आई थी। एसएसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा- मामले की जांच की जा रही है।

दरअसल, आशुतोष महाराज, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों से यौन शोषण के आरोप के मामले के पैरवीकार हैं। उन्होंने ही बटुकों को कोर्ट के सामने पेश कर एफआईआर कराई थी। हालांकि, शंकराचार्य को इस मामले में हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है।

आशुतोष ब्रह्मचारी पर 8 मार्च 2026 को ट्रेन में चाकू से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि हमले में उनकी नाक काटने की कोशिश हुई थी। वह रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे।

आशुतोष ब्रह्मचारी पर 8 मार्च 2026 को ट्रेन में चाकू से हमला किया गया। उन्होंने बताया कि हमले में उनकी नाक काटने की कोशिश हुई थी। वह रीवा एक्सप्रेस से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहे थे।

अब पढ़िए आशुतोष महाराज की शिकायत…

पुलिस शिकायत में आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि वह श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट मथुरा के अध्यक्ष हैं। शंकरचार्य के खिलाफ प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज कराए गए केस में वह शिकायतकर्ता हैं। इस केस से संबंधित एक याचिका सर्वोच्च न्यायालय में भी दाखिल की गई है।

शंकराचार्य के मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका के बाद उनके मोबाइल/व्हाट्सएप पर मोबाइल संख्या +92 320 0605681 से एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा गंभीर धमकी दी गई। कहा गया कि कि यदि मैं उपरोक्त विशेष अनुमति याचिका में पैरवी करता हूं अथवा उसे वापस नहीं लेता हूं, तो मुझे एवं मेरे अधिवक्ता सौरभ अजय गुप्ता को बम से उड़ा दिया जाएगा।

शंकराचार्य की अग्रिम जमानत मंजूर होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से यौन उत्पीड़न केस में हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए 25 मार्च को उनकी अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- चार्जशीट दाखिल होने तक शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी नहीं होगी।

कोर्ट ने शंकरचार्य के अलावा आशुतोष महाराज पर भी मीडिया इंटरव्यू या बयानबाजी से रोका है। बेंच ने केस दर्ज कराने वाले आशुतोष महाराज पर कई सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने पाया कि पीड़ित यानी बटुकों ने 18 जनवरी की घटना बताई, जबकि आशुतोष महाराज ने 24 जनवरी की। पीड़ित बच्चों को प्रॉपर कस्टडी में क्यों नहीं लिया गया।

किसी बच्चे के साथ कोई घटना होती है, तो वह सबसे पहले अपने परिवार या मां-पिता को बताता है। बटुक आशुतोष महाराज को पहले से नहीं जानते थे। फिर उन्होंने सबसे पहले आशुतोष महाराज को घटना क्यों बताई? कोर्ट ने कहा- ऐसे में घटना और FIR को सावधानीपूर्वक देखना होगा, कहीं ये झूठा केस तो नहीं है।

उधर, हाईकोर्ट से शंकराचार्य को मिले अग्रिम जमानत के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने सुप्रीम कोर्ट का रूख किया। उन्होंने उनकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए एक याचिका दायर की है।

अब जानिए पूरा मामला

प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य और प्रशासन के बीच विवाद हुआ था। इसके 8 दिन बाद 24 जनवरी को जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष महाराज ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी। इसमें माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण के आरोप लगाए थे।

पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। 13 फरवरी को 2 बच्चों को कोर्ट में पेश किया था। 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज हुए थे। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई थी।

FIR में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात आरोपी बनाए गए थे। 24 फरवरी को शंकराचार्य ने प्रयागराज एडिशनल कमिश्नर अजय पाल शर्मा पर साजिश रचने का आरोप लगाया था। साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

26 फरवरी को शंकराचार्य के खिलाफ यौन उत्पीड़न मामले में बच्चों की मेडिकल रिपोर्ट आई थी। पुलिस सूत्रों का दावा है कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। इधर, एक पीड़ित बटुक पहली बार मीडिया के सामने आया था। एक चैनल को दिए इंटरव्यू में उसने दावा किया था- मैं अध्ययन के लिए गया था, तभी मेरा शोषण किया गया।

जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं आशुतोष महाराज; जानिए इनके बारे में

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वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सोमवार यानी 23 मार्च को चतुरंगिणी सेना बनाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा- चतुरंगिणी सेना में 2 लाख 18 हजार 700 सैनिक होंगे। उन्होंने बताया- यह सेना गोरक्षा, धर्म रक्षा, शास्त्र रक्षा और मंदिर रक्षा का कार्य करेगी। उनकी ड्रेस पीली होगी। हाथ में परशु (फरसा) होगा। पढ़िए पूरी खबर

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