चंदौली में बारिश के बाद 4 बांधों से पानी छोड़ा:मुसाखाड़ से सबसे ज्यादा 3268 क्यूसेक डिस्चार्ज; सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात


चंदौली के पहाड़ी इलाकों में शुक्रवार रात हुई तेज बारिश के बाद शनिवार सुबह चार बांधों से पानी छोड़ा गया। नौगढ़ डैम से 497 क्यूसेक, चंद्रप्रभा डैम से 396 क्यूसेक, मुसाखाड़ डैम से 3268 क्यूसेक और भैसोड़ा डैम से 75 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बांधों में बढ़े जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए यह पानी छोड़ा गया है। फिलहाल कम मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण किसी तरह के नुकसान की आशंका नहीं है। हालांकि, एहतियात के तौर पर बांधों की ओर जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। संभावित हादसों को रोकने के लिए संबंधित इलाकों में पुलिस टीम भी तैनात की गई है। मैदानी इलाकों में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में इसका असर ज्यादा रहा। शुक्रवार देर रात पहाड़ी इलाकों में तेज चमक-गरज के साथ करीब दो घंटे तक बारिश हुई। इसके बाद बांधों में पानी की आवक बढ़ी और शनिवार सुबह चार बांधों से पानी छोड़ा गया। मुसाखाड़ से 3268 और नौगढ़ से 497 क्यूसेक पानी छोड़ा शनिवार सुबह नौगढ़ डैम से 497 क्यूसेक, चंद्रप्रभा डैम से 396 क्यूसेक, मुसाखाड़ डैम से 3268 क्यूसेक और भैसोड़ा डैम से 75 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। चारों बांधों से छोड़ा गया पानी कर्मनाशा, चंद्रप्रभा और गड़ई नदी के रास्ते आगे बढ़ रहा है। चंदौली के मैदानी इलाकों में दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। वहीं, शुक्रवार देर रात पहाड़ी इलाकों में करीब दो घंटे तक तेज बारिश हुई। चमक-गरज के साथ हुई इस बारिश के कारण बांधों में पानी की आवक बढ़ी और जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए पानी छोड़ा गया। बांधों की ओर जाने पर रोक, पुलिस भी तैनात पानी छोड़े जाने के बाद सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है। चकिया, नौगढ़ और चकरघट्टा क्षेत्र के सभी बांधों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। लोगों को बांधों की तरफ जाने से पूरी तरह रोक दिया गया है, ताकि पानी के बहाव के कारण किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। कम मात्रा में पानी छोड़ा गया, फिलहाल नुकसान की आशंका नहीं अधिकारियों के मुताबिक, बांधों से फिलहाल सीमित मात्रा में पानी छोड़ा गया है। इसलिए किसी नुकसान की आशंका नहीं है। इसके बावजूद सुरक्षा के लिहाज से बांधों और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है। जलस्तर और बारिश की स्थिति के अनुसार आगे भी पानी छोड़े जाने की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।

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