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मुजफ्फरनगर जनपद में वेस्ट प्लास्टिक और पॉलीथीन के अवैध गोदाम पर्यावरण और कृषि भूमि के लिए गंभीर खतरा बन गए हैं। ये गोदाम भोपा रोड, जौली रोड और जानसठ रोड के आसपास मखियाली, बिलासपुर, मुस्सा-शेरनगर, धंधेड़ा, जट-मुझेडा, चांदपुर, भंडूरा, सिखरेड़ा, भिक्की, निराना और बहादरपुर जैसे कई गांवों के ग्रामीण इलाकों में तेजी से फैल रहे हैं। कृषि भूमि के बीच स्थापित इन अवैध गोदामों में प्रतिदिन हजारों टन प्लास्टिक वेस्ट और पॉलीथीन की रीसाइक्लिंग की जा रही है। इस गतिविधि से पर्यावरण को भारी क्षति पहुँच रही है। आश्चर्यजनक रूप से, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास इन गोदामों का कोई सटीक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ समय पहले कुछ गोदामों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई थी। हालांकि, इसके बावजूद यह अवैध कारोबार निर्बाध रूप से जारी है और पॉलीथीन माफिया बिना किसी डर के अपना काम कर रहे हैं। आंधी-तूफान के समय इन गोदामों से प्लास्टिक के बारीक कण और पॉलीथीन उड़कर आसपास के खेतों में फैल जाते हैं। इससे कृषि भूमि की उर्वरता प्रभावित हो रही है और कई स्थानों पर उपजाऊ जमीन बंजर होती जा रही है। किसानों का कहना है कि कई किलोमीटर के दायरे में हजारों बीघा कृषि भूमि प्रभावित हुई है। लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस और प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से किसानों में गहरा रोष व्याप्त है।
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मुजफ्फरनगर में अवैध प्लास्टिक गोदामों से पर्यावरण को खतरा:हजारों बीघा कृषि भूमि प्रभावित, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास आंकड़ा नहीं