बलिया में गंगा का जलस्तर घटा, सरयू में बढ़ा:दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर, मकान-दुकान शौचालय डूबे, 40 हजार लोग परेशान


बलिया जिले में गंगा और सरयू नदियों में बाढ़ के कारण सदर, बैरिया और बांसडीह तहसील के कई गांव और शहर के मोहल्ले प्रभावित हुए हैं। जिले में करीब 40 हजार लोग बाढ़ से परेशान हैं। गंगा नदी का पानी सोमवार को लगातार दूसरे दिन घटा है। गायघाट गेज पर सोमवार सुबह आठ बजे गंगा नदी का पानी खतरे के निशान 57.615 मीटर से दो मीटर ऊपर 59.69 मीटर रिकॉर्ड किया गया। वहीं, सरयू नदी का पानी अभी भी बढ़ रहा है। चांदपुर गेज पर नदी का पानी खतरे के निशान 58.00 मीटर से एक मीटर ऊपर 59.08 मीटर दर्ज किया गया है। दो तस्वीरें देखिए शहर में घुसा बाढ़ का पानी शहर के निचले इलाकों और कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। लोगों के आने-जाने के लिए सिर्फ नाव ही सहारा है। जहां पानी कम है, वहां लोग पानी से होकर आ-जा रहे हैं। पानी का स्तर बढ़ने के साथ ही लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। प्रशासन लगातार राहत और बचाव का काम कर रहा है। प्रभावित इलाकों में नावों का संचालन, राहत कैंप, कम्युनिटी किचन और मेडिकल टीमों का इंतजाम किया गया है। सदर बलिया तहसील के मुड़ाडीह, जवही दियर, उपरपुर दियर, उमरपुर नौबरार, इच्छा चौबे का पुरा, बघऊच, शिवपुर दियर नम्बरी के मजरा कृपा राय का डेरा, प्रानपुर, भरसौता के गिरी के टोला, पिपरा खुर्द, हृदय चक, दुबहड़, बेलहरी, शाहपुर बभनौली, मझरिया कोट, माल्देपुर, सुल्तानपुर, हल्दी और मुर्की जैसे कई गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। नगर पालिका बलिया के वजीरापुर, गायत्रीनगर, कृष्णा नगर, बेदुआ, निहोरा नगर, यारपुर, हीरपुर, बनकटा, कंसपुर, चन्दनूपुर, नेवरी ता. जमुआ और नेउरी ता. बिगही मोहल्लों में भी बाढ़ का पानी पहुंचा है। बैरिया तहसील में सरयू नदी से गोपालनगर, झरकटहां, नवका गांव, वशिष्ठ नगर शिवाल और चांददियर प्रभावित हैं। वहीं, गंगा नदी के पानी से रामपुर कोडहरा, शिवपुर कपूर दियर, नौरंगा, भगवानपुर, भुवालछपरा, गोपालपुर के मजरा उदयी छपरा, दूबेछपरा, प्रसाद छपरा, आलम राय का टोला और सुघर छपरा के मजरा केहरपुर प्रभावित हुए हैं। चांददियर के आबादी वाले इलाके में भी बाढ़ का पानी पहुंचा है। बांसडीह तहसील में भोजपुरवा, सुल्तानपुर, कमालपुर, शचांदपुर, कोलकला, चितबिसांव कला, चितबिसांव खुर्द, रेगहां, कचनार, शकिर्तुपुर, पर्वतपुर, सारंगपुर, दियरा गभीरार, दियरा भांगर, रामपुर नम्बरी और चकविलियम गांव सरयू नदी की बाढ़ से प्रभावित हैं। भोजन पैकट,राशन किट,दवा किट का हो रहा वितरण बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच जिला प्रशासन द्वारा राशन किट,भोजन पैकेट, दवाइयां का वितरण लगातार जारी है। किट में दवाओं के नाम, किस बीमारी में कौन-सी दवा लेनी है और कितनी अवधि तक लेनी है, जैसी आवश्यक जानकारी दर्ज है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए राहत शिविर और कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। यहां तैयार भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।वहीं समाजसेवियों द्वारा भी भोजन पैकेट व बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया जा रहा है। राहत एवं बचाव कार्य में लगीं हैं नावें वर्तमान में राहत एवं बचाव कार्य के लिए नावें संचालित की जा रही हैं। सभी बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं और बाढ़ राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित इलाकों में जनरेटर के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था की गई है।
पशुओं के लिए भी प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी है। पशुओं का टीकाकरण तथा पशुओं के लिए भूसा आदि का वितरण किया जा रहा है। रोजाना प्रभावित लोगों से संपर्क, चिकित्सा टीमें कर रहीं दौरा प्रशासन का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी परिवार को परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और जिला स्तरीय अधिकारी प्रतिदिन बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ले रहे हैं। चिकित्सकों की टीमें भी प्रतिदिन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं।
बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों से प्रतिदिन कम से कम दो बार संपर्क कर उनका हालचाल लिया जा रहा है और बाढ़ से संबंधित सूचनाएं प्राप्त की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगातार सक्रिय हैं। आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी तरह की आपदा या परेशानी होने पर तत्काल नजदीकी तहसील स्तरीय कंट्रोल रूम अथवा जिला मुख्यालय के कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
जिला कंट्रोल रूम: 9454417979 लैंडलाइन: 05498-220832, 05498- 220235 टोल फ्री नंबर: 1077
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव दल को सूचना दें।

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