दिल्ली बस गैंगरेप मामला गरमाया:डिंपल यादव बोलीं- महिला सुरक्षा के दावों की खुली पोल, संसद में उठाएंगे मुद्दा


ग्रेटर नोएडा से दिल्ली तक चलती बस में 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित गैंगरेप के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। घटना सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी ने सरकार और पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। मैनपुरी से सपा सांसद डिंपल यादव ने मामले को भयावह और शर्मनाक बताते हुए महिला सुरक्षा के दावों पर निशाना साधा है। आरोप है कि 4 अगस्त की रात बस चालक और परिचालक ने परी चौक से कश्मीरी गेट बस अड्डे के पास तक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना करीब 25 दिन बाद सार्वजनिक होने के बाद विपक्ष ने इसे गंभीर कानून-व्यवस्था का मुद्दा बताया है। डिंपल यादव ने डीजीपी और दिल्ली पुलिस से मांगी जानकारी सपा सांसद डिंपल यादव ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि उन्हें इस मामले की जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के माध्यम से मिली। उन्होंने बताया कि 31 अगस्त को उत्तर प्रदेश के डीजीपी से फोन पर बातचीत कर मामले में दर्ज एफआईआर की जानकारी मांगी गई। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस से संपर्क कर एफआईआर की प्रति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन उन्हें अब तक एफआईआर की कॉपी नहीं दी गई है। डिंपल यादव ने इसे गंभीर मामला बताते हुए जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। पीड़ित परिवार को मदद देने का ऐलान सपा सांसद ने कहा कि पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने परिवार को हरसंभव कानूनी और आर्थिक सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। साथ ही आरोप लगाया कि पुलिस के दबाव के कारण पीड़िता और उसके परिवार को डराकर छिपाकर रखा गया है। परिवार से मिलने पहुंचे विधायक, घर पर मिला ताला मामले की जमीनी स्थिति जानने के लिए किशनी से सपा विधायक बृजेश कठेरिया सोमवार को पीड़ित परिवार से मिलने उनके गांव पहुंचे। विधायक का दावा है कि वहां पहुंचने पर मकान बंद मिला और घर पर ताला लगा हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस परिवार के संबंध में भी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं करा रही है। विधायक ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। संसद और विधानसभा में उठेगा मामला डिंपल यादव ने कहा कि छात्रा के साथ हुई घटना और पुलिस की कथित लापरवाही का मुद्दा संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। वहीं विधायक बृजेश कठेरिया ने कहा कि वह इस मामले को उत्तर प्रदेश विधानसभा में उठाकर सरकार से जवाब मांगेंगे। घटना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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