कोहली खेलते तो भारत कोलंबो टेस्ट जीत जाता:कैफ बोले- टीम में जोश की कमी दिखी, विराट रहते तो श्रीलंका पर दबाव बनता


पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने कहा है कि अगर विराट कोहली कोलंबो टेस्ट में खेलते तो मैच का नतीजा अलग हो सकता था। कैफ के कहा कि टेस्ट के आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों में जोश और तेजी की कमी दिखी। कोहली होते तो श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर दबाव बनता। मैच के पांचवें दिन श्रीलंका के चार विकेट बाकी थे और उसकी बढ़त सिर्फ 16 रन थी। यहां से सोनल दिनूषा ने नाबाद 133 रन की पारी खेली और श्रीलंका ने 9 विकेट पर 429 रन बना दिए। टीम की बढ़त 216 रन हो गई। आखिर में मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। भारत ने पहली पारी में 9 विकेट पर 531 रन बनाकर पारी घोषित की थी। फिर श्रीलंका को पहली पारी में 290 रन पर ऑलआउट कर फॉलोऑन दिया था। कैफ बोले- कोहली खिलाड़ियों को लगातार जोश दिलाते कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि अगर विराट कोहली टीम में होते, तो वे खिलाड़ियों पर लगातार बोलते रहते और सभी को मैच में बनाए रखते। कैफ ने कहा, “टेस्ट क्रिकेट हर किसी के बस की बात नहीं है। यह बहुत लंबा खेल है और आपको लगातार गेंदबाजी करते रहना होता है। मुझे लगा कि अगर विराट कोहली जैसा खिलाड़ी यह मैच खेल रहा होता, तो वह लगातार बोलते रहते और टीम को मैच में बनाए रखते।” उन्होंने कहा, “कई बार मुझे लगा कि हमने चीजों को अपने आप होने के लिए छोड़ दिया था। हम सोच रहे थे कि बस गेंदबाजी करते रहो, सब हो जाएगा। गेंद इतना घूम रही है, इसलिए यह अपने आप हो जाएगा।” भारतीय टीम की ऊर्जा कम थी: कैफ कैफ ने आगे कहा कि भारतीय टीम में ऊर्जा कम थी और विराट कोहली उसे बढ़ा सकते थे। उन्होंने कहा कि कोहली सोनल दिनूषा को परेशान करने की कोशिश भी करते। कैफ ने कहा, “हमने खुद बहुत कम मौके बनाए। हमारी ऊर्जा का स्तर भी बहुत कम था। इसी वजह से मैं कह रहा हूं कि अगर विराट कोहली यह टेस्ट मैच खेल रहे होते, तो नतीजा अलग होता।” उन्होंने कहा, “वह सभी से कहते रहते- आओ सरफराज, आओ जायसवाल। वह सोनल के खिलाफ भी जाते और उसे दबाव में लाने की कोशिश करते। हम किससे भिड़ रहे थे? हम कुमार के साथ भिड़ रहे थे।” विराट कोहली ने मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसके बाद से वह सिर्फ वनडे मैच खेल रहे हैं।

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