IFS अधिकारी ने लिखा-हर जगह दिमागी नक्सल मौजूद:कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर की PMO से शिकायत; सर्विस नियमों के उल्लंघन का आरोप


हर कोई जो वन्य जीवों की मदद करने का दावा करता है, जरूरी नहीं कि वह जमीनी हकीकत को समझता हो या उसके मकसद भी एक जैसे हों। हर जगह ‘दिमागी नक्सल’ मौजूद हैं। हमें इन्हीं से निपटना है। ये बात मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में पदस्थ भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी उत्तम कुमार शर्मा ने सोमवार को X पर लिखी। बुधवार को उनके इस ट्वीट के खिलाफ आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) समेत अन्य सरकारी एजेंसियों से शिकायत की है। वहीं, वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने शर्मा के ट्वीट पर कहा कि उनकी जानकारी में नहीं है। वे देखेंगे कि यह सर्विस रूल्स में आता है या नहीं, इसके बाद आगे निर्णय लिया जाएगा। 1999 बैच के अफसर उत्तम कुमार शर्मा चीता प्रोजेक्ट के फील्ड डायरेक्टर हैं। इस बारे में दैनिक भास्कर ने उनसे फोन पर बात की तो उन्होंने कहा- आरटीआई एक्टिविस्ट बोले- हताशा में दिया बयान शिकायतकर्ता वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट और आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने ट्वीट कर कहा- कूनो नेशनल पार्क में तेंदुए के शिकार को रोकने में नाकाम रहने के बावजूद एक सरकारी अधिकारी सर्विस नियमों का उल्लंघन करते हुए “बौद्धिक नक्सलियों” (intellectual Naxals) के बारे में बयान दे रहे हैं। हताशा में आकर यह अधिकारी सवाल पूछने वाले एक्टिविस्ट और आम आदमी को दिमागी नक्सल ( #dimagi_Naxals) कह रहे हैं। इस तरह के अफसर को जनता से टकराने का खामियाजा भुगतना होगा। कानून अपना काम करेगा। जानिए, IFS ने X पर क्या लिखा है IFS अफसर उत्तम कुमार शर्मा ने ट्वीट में लिखा है- वन्यजीवों की सुरक्षा में लगे सभी वनकर्मियों के लिए एक जरूरी सलाह है। बाहरी लोगों के साथ जानकारी साझा करते समय सतर्क रहें। इनमें खुद को वन्यजीव कार्यकर्ता या संगठन बताने वाले लोग भी शामिल हैं। ट्रैक किए जा रहे जानवरों की लोकेशन कभी भी ऐसे लोगों को न बताएं, जिन्हें इसकी जानकारी होने की जरूरत नहीं है। यह जानकारी सिर्फ उन्हीं अधिकृत लोगों को दी जानी चाहिए, जिन्हें इसकी आवश्यकता है। हर कोई जो वन्य जीवों की मदद करने का दावा करता है, जरूरी नहीं कि वह जमीनी हकीकत को समझता हो या उसके मकसद भी एक जैसे हों। हर जगह ‘दिमागी नक्सल’ मौजूद हैं। हमें इन्हीं से निपटना है, सतर्क रहें। यह है पन्ना टाइगर रिजर्व में शिकार का मामला अपने ट्वीट में आरटीआई एक्टिविस्ट अजय दुबे ने पन्ना टाइगर रिजर्व के एक मामले का जिक्र किया है। यहां वर्ष 2021 में एक टाइगर का शिकार हो गया था। उस समय उत्तम कुमार शर्मा वहां फील्ड डायरेक्टर थे। अजय दुबे के मुताबिक, जिस टाइगर का शिकार हुआ था, उसके गले में कॉलर लगा था। अगर कॉलर लगे टाइगर की लोकेशन 24 घंटे न मिले तो उसकी तलाश की जाती है लेकिन इस टाइगर के मामले में ऐसा नहीं हुआ था। एक माह बाद उस टाइगर का शव सतना जिले में पाया गया था। पीएम के संबोधन में आया था दिमागी नक्सल शब्द इसी 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में दिमागी नक्सल शब्द का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया में इसके पक्ष-विपक्ष में अलग-अलग मायने बताए जा रहे हैं। अब एक ट्वीट के जरिए आईएफएस उत्तम शर्मा भी दिमागी नक्सल की लड़ाई में कूद पड़े हैं। आप अपनी राय यहां दे सकते हैं… ये खबर भी पढ़ें… महिलाएं पैरों की जूती, दांत तोड़ दूंगा…जैसे विवादित बयान मध्य प्रदेश की सियासत इन दिनों विकास के दावों से ज्यादा नेताओं की ‘बदजुबानी’ को लेकर चर्चा में है। गाली-गलौज, अधिकारियों को धमकाना और महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करना राजनीति का न्यू ‘नॉर्मल’ बन गया है। आलम यह है कि सुप्रीम कोर्ट को भी दखल देना पड़ा और राज्य के एक कद्दावर मंत्री के लिए कहा कि-“इन्हें विवादित बयान देने की आदत हो गई है।” पढे़ं पूरी खबर…

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