Belgium is hosting the Hockey World Cup; the stadium was completed this year.

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ब्रसेल्स42 मिनट पहले

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एक समय था जब बेल्जियम के पास अपना कोई हॉकी स्टेडियम तक नहीं था, इसके बावजूद टीम ने ओलिंपिक और वर्ल्ड कप जीते। अब यही देश दुनिया के सबसे बड़े हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि बेल्जियम के खिलाड़ियों ने अपने देश से ज्यादा मुकाबले भारत के भुवनेश्वर में खेले हैं। लेकिन अब बेल्जियम सह-मेजबान के तौर पर हॉकी वर्ल्ड कप का भव्य आयोजन कर रहा है।

मौजूदा पीढ़ी के बेहतरीन ड्रैग-फ्लिकर अलेक्जेंडर हेंड्रिक्स इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहते हैं, ‘जब हमने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब अपने घर पर वर्ल्ड कप खेलने की कल्पना करना भी नामुमकिन लगता था। हमारे पास कोई हॉकी स्टेडियम या ऐसी कोई बुनियादी सुविधा नहीं थी।’ अब 2026 वर्ल्ड कप का पुरुष फाइनल बेल्जियम के नवनिर्मित राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम ‘बेलफियस हॉकी एरिना’ (वावरे) में खेला जाएगा। इसका उद्घाटन इसी साल अप्रैल में हुआ है। यह स्टेडियम देश के ओलिंपिक चैम्पियन बनने के 5 साल और वर्ल्ड कप जीतने के 8 साल बाद जाकर तैयार हुआ है।

दो बार के ‘एफआईएच वर्ल्ड प्लेयर ऑफ द ईयर’ आर्थर वैन डोरेन याद करते हैं कि बचपन में बेल्जियम का खास दबदबा नहीं था। तब बेल्जियम ओलिंपिक या वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई तो करता था, लेकिन दावेदार नहीं माना जाता था। डोरेन उस समय टेनिस भी खेलते थे। वे बताते हैं कि जब उन्होंने टेनिस के बजाय हॉकी को चुना, तो कई लोगों ने उन्हें पागल तक कह दिया था। साल 2009 में एक दौर ऐसा भी था, जब बेल्जियम के खिलाड़ियों और फैंस को टीवी कवरेज हासिल करने के लिए ऑनलाइन याचिका दायर करनी पड़ी थी।

लेकिन, जब नतीजे आने शुरू हुए तो सब बदल गया। अब वावरे के पुराने स्टेडियम को नया रूप देकर बेलफियस एरिना बनाया गया है। हेंड्रिक्स मजाक में कहते हैं कि जो खिलाड़ी पेरिस ओलिंपिक के बाद रिटायर हुए, वे इस नए स्टेडियम और घरेलू वर्ल्ड कप को देखकर थोड़े जल रहे हैं कि उनके जाते ही यह शानदार काम हो गया। एक दशक ने बेल्जियम को सिखाया है कि अगर आप मेहनत करते हैं, तो सफलता और सुविधाएं खुद आपके पीछे आती हैं।

3 साल के भीतर वर्ल्ड चैम्पियन और ओलिंपिक गोल्ड भी

साल 2014 के वर्ल्ड कप में 5वें स्थान पर रहने के बाद, बेल्जियम ने 2016 रियो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीता। 2018 में ‘रेड लायंस’ (बेल्जियम टीम) पहली बार वर्ल्ड चैम्पियन बनी और 2021 टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीत लिया। बेल्जियम हॉकी की स्वर्णिम पीढ़ी ने वह कर दिखाया, जो उनकी मशहूर फुटबॉल टीम भी नहीं कर सकी।

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