फर्जी ब्लड बैंक कार्ड मामले में जमानत अर्जी खारिज:जेल में बंद विजय कुमार को कोर्ट से झटका, अवैध खून कारोबार में 12 जुलाई को गए थे जेल


गोंडा न्यायालय ने फर्जी ब्लड बैंक कार्ड मामले में आरोपी विजय कुमार की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। विजय कुमार खून के अवैध कारोबार के आरोप में बीते 12 जुलाई से गोंडा मंडलीय कारागार में बंद हैं। न्यायालय के इस फैसले से उन्हें बड़ा झटका लगा है और वह अभी जेल में ही रहेंगे। आरोपी विजय कुमार ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत अर्जी दाखिल कर खुद को बेगुनाह बताते हुए फंसाए जाने का दावा किया था। गोंडा एडीजे/विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) नित्या पांडेय की अदालत ने सोमवार देर शाम करीब 5 बजे सुनवाई करते हुए फर्जी ब्लड बैंक कार्ड और गलत ब्लड ग्रुप की आपूर्ति के मामले में विजय की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। इस फैसले की प्रति मंगलवार सुबह 9:30 बजे सामने आई। अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी विजय कुमार अपने अन्य सह-आरोपियों के साथ मिलकर जरूरतमंद मरीजों को रक्त उपलब्ध कराता था। आरोप है कि वे ब्लड बैग पर लगे लेबल में दर्ज मूल ब्लड ग्रुप को काटकर पेन से दूसरा ब्लड ग्रुप अंकित करते थे। फर्जी ब्लड बैंक के सहारे वे लोगों को महंगे दामों पर खून बेचते थे। इन्हीं लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए खून के कारण जिले में दो अलग-अलग मरीजों की मौत होने के बाद 12 जुलाई को नगर कोतवाली पुलिस ने इस गिरोह के कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में बीते 12 अगस्त को न्यायालय द्वारा इसी घटना में शामिल आरोपी साहेब आलम की भी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। वरिष्ठ अधिवक्ता बृजलाल तिवारी ने बताया कि जमानत में कोई ठोस आधार न मिलने के कारण अर्जी खारिज की गई है, क्योंकि यह एक गंभीर अपराध है। इस मामले में एक आरोपी की पहले भी जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है अब इसकी भी खारिज हो गई है इन लोगों के ऊपर गंभीर अपराध है पुलिस के केस डायरी में भी गंभीर अपराध है।

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