Asian Open Short Track Speed Skating Trophy 2026

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का हिमाद्री आइस रिंक अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले के लिए तैयार।

देहरादून में अगले चार दिन बर्फ पर रफ्तार, रोमांच और अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का शानदार नजारा देखने को मिलेगा। रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का हिमाद्री आइस रिंक 17 से 20 अगस्त तक एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 की म

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इस प्रतियोगिता में एशिया और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से खिलाड़ी पहुंच रहे हैं। उत्तराखंड लगातार दूसरी बार इस एशियाई स्तर की प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ISAI) ने मुकाबले की तैयारी पूरी कर ली है।

17 अगस्त से आयोजित होने वाली प्रतियोगिता के लिए तैयार किया जा रहा हिमाद्री आइस रिंक।

17 अगस्त से आयोजित होने वाली प्रतियोगिता के लिए तैयार किया जा रहा हिमाद्री आइस रिंक।

हिमाद्री आइस रिंक में अभ्यास करते थाईलैंड के खिलाड़ी।

हिमाद्री आइस रिंक में अभ्यास करते थाईलैंड के खिलाड़ी।

14 देशों के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।

14 देशों के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं।

गुजरात से आए निर्जा निशांत ललाकिया, माही राजेश सोलंकी, काव्या अमित पटेल, ध्वजा उपेन पटेल, युवराज मेहता, ध्यान अमित पटेल, महर्ष दीपक प्रजापति और तत्व जोशी प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे हैं।

गुजरात से आए निर्जा निशांत ललाकिया, माही राजेश सोलंकी, काव्या अमित पटेल, ध्वजा उपेन पटेल, युवराज मेहता, ध्यान अमित पटेल, महर्ष दीपक प्रजापति और तत्व जोशी प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे हैं।

इस चैंपियनशिप में 14 देशों के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे। इनमें हांगकांग, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मंगोलिया, मलेशिया, चीनी ताइपे, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, चीन, दक्षिण कोरिया और मेजबान भारत शामिल हैं। चीन और दक्षिण कोरिया जैसे मजबूत आइस स्पोर्ट्स देशों की मौजूदगी प्रतियोगिता के स्तर और प्रतिस्पर्धा को खास बना रही है।

270 से ज्यादा खिलाड़ी, 102 कोच-अधिकारी

आयोजकों के मुताबिक, अब तक 270 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ 102 कोच, रेफरी और अधिकारियों पहुंच रहे हैं। इस लिहाज से यह भारत में आयोजित होने वाली बड़ी शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग प्रतियोगिताओं में शामिल होगा।। आयोजन से जुड़े खिलाड़ियों, कोचों, रेफरी, प्रतिनिधियों और सपोर्ट स्टाफ समेत 1,000 से अधिक लोगों की मौजूदगी का अनुमान है।

14 से 16 अगस्त तक अभ्यास, फिर शुरू होगा असली मुकाबला

प्रतियोगिता से पहले खिलाड़ियों को आइस रिंक पर अभ्यास का मौका दिया गया। 17 अगस्त को उद्घाटन समारोह के साथ प्रतियोगिता का पहला दिन शुरू होगा। 18 अगस्त को दूसरा दिन और अवॉर्ड सेरेमनी, 19 अगस्त को तीसरा दिन और पुरस्कार समारोह होगा। 20 अगस्त को प्रतियोगिता के चौथे और अंतिम दिन के बाद अवॉर्ड और क्लोजिंग सेरेमनी आयोजित की जाएगी।

एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी को ISU मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता मंच के रूप में पेश किया गया है। इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों का अनुभव देना और उन्हें भविष्य की इंटरनेशनल स्केटिंग यूनियन (ISU) प्रतियोगिताओं तथा अन्य वैश्विक आयोजनों के लिए तैयार करना है।

आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ इंडिया अध्यक्ष डॉ. अमिताभ शर्मा ने कहा कि लगातार दूसरी बार एशियन ओपन की मेजबानी भारत और उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है। उनके मुताबिक चीन, दक्षिण कोरिया समेत प्रमुख एशियाई देशों की भागीदारी प्रतियोगिता की बढ़ती प्रतिष्ठा और अंतरराष्ट्रीय स्केटिंग समुदाय के भारत पर बढ़ते भरोसे को दिखाती है।

दर्शकों की एंट्री फ्री, घर बैठे भी देख सकेंगे मुकाबले

अगर आप बर्फ पर होने वाली इस तेज रफ्तार प्रतियोगिता को करीब से देखना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। हिमाद्री आइस रिंक में दर्शकों की एंट्री पूरी तरह नि:शुल्क रखी गई है। यानी खेल प्रेमी, स्कूली बच्चे, परिवार और आम लोग सीधे रिंक पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के मुकाबले देख सकेंगे।जो लोग रिंक तक नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए प्रतियोगिता का यूट्यूब पर मुफ्त लाइव प्रसारण किया जाएगा। इससे भारतीय आइस स्पोर्ट्स को देश के साथ अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी।

क्या है शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग?

अगर आपने पहली बार यह खेल देखा है तो इसे समझना आसान है। शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग बर्फ पर होने वाली बेहद तेज रफ्तार रेस है, जिसमें एक ही रेस में कई खिलाड़ी एक साथ ट्रैक पर उतरते हैं। खिलाड़ी कम दूरी के ट्रैक पर तेज गति से कई चक्कर लगाते हैं और सबसे पहले फिनिश लाइन पार करने वाला खिलाड़ी आगे बढ़ता है।

यह खेल सामान्य स्पीड स्केटिंग से अलग है। ट्रैक छोटा होता है और खिलाड़ी एक-दूसरे के बेहद करीब दौड़ते हैं। इसलिए यहां केवल तेज दौड़ना काफी नहीं है। कट लगाना, सही लाइन पकड़ना, मोड़ पर शरीर को संतुलित रखना, दूसरे खिलाड़ी से बचना और सही समय पर ओवरटेक करना जीत की कुंजी होती है।

हिमाद्री आइस रिंक क्यों है खास?

इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए देहरादून का हिमाद्री आइस रिंक सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है। यह रायपुर स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में बना इनडोर आर्टिफिशियल आइस रिंक है और इसका आकार 60 मीटर × 30 मीटर है। इसे ओलंपिक आकार के रिंक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ISAI के अनुसार रिंक की दर्शक क्षमता करीब 3,000 है। उत्तराखंड सरकार भी हिमाद्री को भारत की अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रमुख आइस रिंक के तौर पर पेश कर चुकी है। यह रिंक वर्ष 2011 के साउथ एशियन विंटर गेम्स से जुड़ी खेल विरासत का हिस्सा रहा है और लंबे अंतराल के बाद इसके पुनर्जीवन से देहरादून में आइस स्पोर्ट्स को नया आधार मिला है। ———————-

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