अवध-असम एक्सप्रेस का कोच अटेंडेंट शराब तस्करी में गिरफ्तार:बिहार में दोगुने दाम पर करता था सप्लाई, 15 बोतलों के साथ GRP ने दबोचा


गोरखपुर में यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में अपराध पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत जीआरपी गोरखपुर को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान अवध-असम एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 15910 से एक कोच अटेंडेंट को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया है। उसके पास से कुल 11.250 लीटर शराब बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 10,350 रुपये बताई गई है। गिरफ़्तारी के बाद शराब तस्कर ने बताया कि वो शराब यहाँ से ले जाकर बिहार में दोगुने रेट पर सप्लाई करता था। चेकिंग के दौरान पकड़ा गया आरोपी पुलिस के मुताबिक 11 अगस्त को जीआरपी गोरखपुर की टीम अवध-असम एक्सप्रेस में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक कोच अटेंडेंट पर शक हुआ। तलाशी लेने पर उसके पास मौजूद पिट्ठू बैग से शराब की बोतलें बरामद हुईं। आरोपी की पहचान असम के डिब्रूगढ़ के मोरांग थाना के गौर पठार गाँव के रहने वाले दिगन्ता गोगोई (32) पुत्र महेश्वरी गोगोई के रूप में हुई है। बैग से मिली 15 बोतलें पुलिस ने आरोपी के बैग से कुल 15 बोतल शराब बरामद की। इसमें 750-750 एमएल की 9 बोतल रॉयल स्टैग और 750-750 एमएल की 6 बोतल रॉयल ग्रीन व्हिस्की शामिल हैं। इन सभी बोतलों में शराब की कुल मात्रा 11.250 लीटर है। पुलिस ने बरामद शराब की कुल अनुमानित कीमत 10,350 रुपये बताई है। बिहार में दोगुने दाम पर बेचता था शराब पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ट्रेन में कोच अटेंडेंट का काम करता है। वह मौका देखकर उत्तर प्रदेश से शराब खरीदकर ट्रेनों के जरिए बिहार ले जाता था। वहां वह शराब को करीब दोगुने दाम पर बेचता था। आरोपी के अनुसार, शराब बेचने से मिलने वाले पैसों से वह अपने खर्च और शौक पूरे करता था। पुलिस के मुताबिक, 11 अगस्त को भी वह शराब लेकर ट्रेन के जरिए बिहार जाने की तैयारी में था, लेकिन चेकिंग के दौरान पकड़ा गया। आबकारी अधिनियम में मुकदमा दर्ज शराब बरामद होने के बाद जीआरपी गोरखपुर ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का अन्य आपराधिक इतिहास भी पता किया जा रहा है। इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका इस कार्रवाई में जीआरपी गोरखपुर के प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह, उपनिरीक्षक संजय यादव, उपनिरीक्षक अंकित पाण्डेय, सहायक उपनिरीक्षक बृजकिशोर द्विवेदी नार्को टीम लखनऊ, सहायक उपनिरीक्षक गोविन्द कुमार सिंह आरपीएफ लखनऊ, हेड कांस्टेबल आशुतोष मिश्रा, कांस्टेबल श्यामदेव प्रजापति, हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र कुमार रेसुब मैलानी और कांस्टेबल कुशल पाल सिंह रेसुब गोमती नगर शामिल रहे। जीआरपी का कहना है कि ट्रेनों में लगातार चेकिंग और निगरानी जारी है, ताकि अवैध शराब की तस्करी के साथ-साथ यात्रियों से जुड़े अन्य अपराधों पर भी प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके।

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