रांची2 मिनट पहले
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झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने भाजपा विधायकों पर सीएम हेमंत सोरेन की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि मुख्यमंत्री को मारने की कोशिश थी, लेकिन वे बच गए।”
मंत्री ने दावा किया कि जिस समय सीएम आवास के बाहर भाजपा के विधायक धरना दे रहे थे, उस समय सीएम अपनी पत्नी-बच्चों के साथ अंदर मौजूद थे। उन्होंने विधानसभा स्पीकर से बीजेपी विधायकों पर कारर्वाई की मांग की है।
इधर, मुख्यमंत्री हेमंते सोरेन ने भाजपा को परजीवी बताया। विधानसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा-
पिछले दो-चार दिनों से जो प्रकरण चल रहा है, उसे देखकर हमें लगता है कि अब विपक्ष के पास कुछ बचा नहीं है, लेकिन कभी-कभी वे अलग-अलग तरीकों की आड़ में छिपकर बैठे रहते हैं और अलग-अलग स्रोतों के सहारे खुद को जीवित रखते हैं, ठीक वैसे ही जैसे कोई परजीवी जीवित रहता है।


पहले इरफान अंसारी ने क्या आरोप लगाए , वो पढ़िए…
मंगलवार को विधानसभा में मंत्री ने कहा,
भाजपा के विधायकों ने सदन की कार्यवाही छोड़कर मुख्यमंत्री आवास के पास धरना दिया। उस समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी पत्नी और बच्चों के साथ घर के अंदर मौजूद थे। मुख्यमंत्री आवास के पास दिया गया यह धरना मुख्यमंत्री की हत्या के प्रयास जैसा था। अगर कोई व्यक्ति दीवार फांदकर मुख्यमंत्री आवास में घुस जाता, तो कितनी बड़ी घटना हो सकती थी? इसका जिम्मेदार कौन होता? इसलिए मैंने स्पीकर से मांग की है कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनसे पूछताछ की जाए कि उनकी मंशा क्या थी। यदि प्रदर्शनकारियों की ओर से ऐसी कोई कोशिश की गई है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

छात्रों पर पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं हुआ- मंत्री
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने यह भी दावा किया कि छात्रों पर पुलिस ने कोई लाठीचार्ज नहीं किया। उन्होंने कहा कि पुलिस और सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ मारपीट की गई। इसके पीछे वजह यह थी कि वे भी राज्य के बच्चे और युवा हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लाठी और गोली पर नहीं, बल्कि वार्ता पर विश्वास करती है और बातचीत से ही समाधान निकलेगा। सरकार युवाओं के साथ है और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है।

देवेंद्र नाथ महतो ने इरफान अंसारी ने की थी मुलाकात
इससे पहले डॉ. इरफान अंसारी 10 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो और अन्य घायल छात्रों से मिलने अस्पताल पहुंचे थे। 10 अगस्त को छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर झारखंड विधानसभा का घेराव किया था। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सोमवार को छात्रों पर लाठीचार्ज के दौरान देवेंद्र महतों भी घायल हुए थे। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इरफान अंसारी ने अस्पताल में उनसे मुलाकात की।
अब जानिए सीएम सोरेन ने क्या कहा
इधर, मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विपक्ष पर युवाओं को भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “विपक्ष हल्ला करता रहेगा, हम अपना काम करते जाएंगे। सरकार छात्रों के हित में फैसले ले रही है।”
सदन में मुख्यमंत्री ने कहा,
आज वे छात्रों की आड़ में अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इनमें जो थोड़ा-बहुत रस बचा हुआ है, वह भी कुछ समय बाद खत्म हो जाएगा। JPSC से जुड़े TDPL द्वारा आयोजित परीक्षा के संदर्भ में CID, CBI और कई अन्य मुद्दे सदन में आ चुके हैं और सरकार की मंशा पूरे राज्य को पता है। क्या सही है और क्या गलत, यह आने वाली पीढ़ी को भी पता चलना चाहिए। पिछले छह-सात वर्षों में इनके पास कुछ बचा नहीं था। ये ऐसे रास्ते पर चल पड़े हैं कि इनके हाथ खाली ही रहेंगे। सरकार किन-किन परीक्षाओं को रद्द करने जा रही है और जांच को लेकर क्या निर्णय लिया गया है, इसकी जानकारी हम छात्रों को दे चुके हैं।

सीएम सोरेन बोले- विपक्ष छात्रों का चोला पहनकर दुनिया को भ्रमित कर रहा
यह मकड़जाल इन्हीं का बुना हुआ है। TDPL कंपनी उत्तर प्रदेश के लखनऊ की है। वहां से षड्यंत्र कर यहां के युवाओं को दिग्भ्रमित करने का काम किया गया है। सरकार ने जो सुधार, परीक्षाओं को रद्द करने और जांच कराने के फैसले लिए हैं, उससे उसकी मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और वह लगातार आगे बढ़ रही है।
कल जिस तरह सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच पूरा दिन बातचीत में बीता और झारखंड प्रशासन ने जिस धैर्य का परिचय दिया, उसे पूरे देश ने देखा। जहां 12 महीने धारा 144 लागू रहती है और क्षेत्र को संवेदनशील माना जाता है, वहां लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा या विधान परिषद के सीमित दायरे तक कोई नहीं पहुंच सकता।
लेकिन विपक्ष के लोग पहले गेरुआ वस्त्र पहनकर दुनिया को भ्रमित कर रहे थे और अब छात्रों का चोला पहनकर वही काम कर रहे हैं। कोई बात नहीं, हम परत-दर-परत सब कुछ उजागर करेंगे। यह हमारा संकल्प है। हमारे पास वैसी व्यवस्था नहीं है, जिसके सहारे ये लोग आज आसमान में उड़ रहे हैं। संवैधानिक व्यवस्थाओं और विभिन्न संस्थाओं के दुरुपयोग के माध्यम से ये लोग सदन की मर्यादा को तार-तार कर रहे हैं।”

विपक्ष की महत्वाकांक्षा बड़ी, सच का सामना मुश्किल- CM हेमंत सोरेन
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “हमने सदन को चलाने की पूरी कोशिश की। आपने देखा कि सदन में नोट उछाले और दिखाए गए। ये वही नोट हैं जो यहां उनकी (BJP) मौजूदगी और उनकी राजनीति का आधार हैं। युवाओं के भविष्य को लेकर राज्य सरकार जिस संकल्प के साथ काम कर रही है, वह आप सभी के सामने है।
वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से लाखों छात्र अपनी नौकरी और रोजगार खो रहे हैं। छोटे, मध्यम और बड़े कारोबार बंद हो रहे हैं तो रोजगार कहां से आएगा? हालांकि, आप देखेंगे कि इन सभी परीक्षाओं में चुने गए 75% से 100% उम्मीदवार इसी क्षेत्र के मूल निवासी हैं।
यह कोई छिपी हुई बात नहीं है कि BJP के कार्यकाल में दूसरे राज्यों के लोगों ने यहां बड़े पैमाने पर नौकरियां हासिल की हैं। विपक्ष के हर सवाल का हमारे पास जवाब है, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षाएं बहुत बड़ी हैं। हालात ऐसे हैं कि उनके लिए सच का सामना करना बहुत मुश्किल हो गया है। इसी बेचैनी का नतीजा है कि आज सदन को समय से पहले स्थगित करना पड़ा, कम से कम मुझे तो ऐसा ही लगा।

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