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पीलीभीत में तालाब पट्टों के अवैध आवंटन और लगान चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों की शिकायत को लेकर शिवसेना कार्यकर्ता मंगलवार को सदर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने एसडीएम पर अमर्यादित टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर शिवसेना जिलाध्यक्ष शैली शर्मा भी मौके पर पहुंचीं। मामला सदर तहसील और मरौरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुरैया नवदिया का है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत कुरैया नवदिया में गाटा संख्या 245 स्थित तालाब का पट्टा नियमों को दरकिनार कर आवंटित किया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जिस व्यक्ति के नाम पट्टा किया गया है, उसके पिता और भाई करीब आठ वर्षों तक तालाबों के लगान भुगतान में डिफाल्टर रहे हैं। इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि इन परिस्थितियों के बावजूद कथित रूप से राजस्व विभाग की मिलीभगत से तालाब का पट्टा दूसरे बेटे के नाम दर्ज कर दिया गया। इसके अलावा गाटा संख्या 321 और 183 पर भी अवैध कब्जे की शिकायतें किए जाने की बात कही गई है। ग्रामीणों ने गाटा संख्या 245 के पट्टे को निरस्त करने और लगान चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम पर ‘गुंडों’ शब्द कहने का आरोप मामला उस समय और गरमा गया, जब शिकायतकर्ताओं के साथ शिवसेना कार्यकर्ता लिखित शिकायत लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। शिवसेना कार्यकर्ताओं का आरोप है कि शिकायत के दौरान सदर एसडीएम श्रद्धा सिंह ने उनकी ओर इशारा करते हुए कहा, ‘तुम इन गुंडों के साथ शिकायत करने आए हो’ कथित टिप्पणी से नाराज शिवसेना कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। दोपहर करीब दो बजे तक प्रदर्शन जारी रहा। विवाद बढ़ने पर शिवसेना जिलाध्यक्ष शैली शर्मा भी कार्यकर्ताओं के समर्थन में मौके पर पहुंचीं। इस दौरान एसडीएम श्रद्धा सिंह धरना दे रहे शिव सैनिकों को समझाने और मामला शांत कराने का प्रयास करती नजर आईं। ‘गुंडा शब्द का इस्तेमाल हुआ तो बयान वापस लें’ शिवसेना जिलाध्यक्ष शैली शर्मा ने कहा कि एसडीएम कार्यालय में हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग सामने लाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि एसडीएम की ओर से ‘गुंडा’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है तो उन्हें अपना बयान वापस लेना होगा। एसडीएम बोलीं-तेज आवाज में बात कर रहे थे, आरोप गलत वहीं, एसडीएम श्रद्धा सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ लोग एक ग्राम प्रधान के साथ शिकायत लेकर आए थे। शिकायत के दौरान कुछ लोग तेज आवाज में बात कर रहे थे, जिस पर उन्होंने केवल शांतिपूर्वक बात करने के लिए कहा था। एसडीएम ने कहा कि उनके कार्यालय से लेकर परिसर तक हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा लगाए जा रहे अन्य आरोप सही नहीं हैं।
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तालाब पट्टे के विवाद में एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन:शिवसेना कार्यकर्ताओं ने अमर्यादित टिप्पणी का लगाया आरोप, SDM ने आरोपों को बताया गलत