Kanwar Yatra 2026 | Palwal Abhishek Carries Shiva Parvati Idol

अभिषेक के कंधों पर शिव पार्वती की मूर्ति है, वह एक दिन में 40 किमी से अधिक चल रहे हैं।

कांवड़ मार्ग पर चारों तरफ बम बोले के जयकारे गूंज रहे हैं। जैसे जैसे शिवरात्रि नजदीक आती जा रही है कांवड़िए तेजी से जल लेकर अपने गंतव्य की तरफ बढ़ रहे हैं। गुरुवार को बारिश के चलते कांवड़ियों की संख्या कम देखी गई, लेकिन आज फिर एक साथ सड़कों पर कांवड़ियों की

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हरिद्वार से जल उठाकर शिवभक्त मुजफ्फरनगर, मेरठ और गाजियाबाद होकर दिल्ली और राजस्थान की तरफ बढ़ रहे हैं। दिल्ली- मेरठ रोड यानी एनएच 58 पर चारों तरफ कांवड़ियों और डीजे की गूंज सुनाई पड़ रही है।

कांवड़ को रथ पर खींचते शिवभक्त।

कांवड़ को रथ पर खींचते शिवभक्त।

भोलेनाथ से घर की मन्नत मांगी

दिल्ली के रहने वाले प्रिंस ने बताया कि मैं सोफ बनाने काम करता हूं। 27 जुलाई को हरिद्वार से कांवड़ मांगी थी। परिवार के अन्य सदस्य भी साथ हैं। प्रिंस ने बताया कि भोले से मन्नत मांगी थी कि बस मेरा घर बन जाए। अभी तक हमार अपना घर नहीं है। भोले से जो भी मांगा जाता है वह मन्नत जरूर पूरी होती है। पहले से भी मैं कांवड़ लाता रहा हूं। एक दिन में 18 से 20 किमी तक पैदल चलता हूं। प्रिंस के साथ छोटे छोटे कांवड़िए भी साथ हैं। 11 अगस्त को शिवरात्रि पर दिल्ली के मंदिर में जलाभिषेक किया जाएगा।

प्रिंस ने कहा कि भोलेनाथ से घर बनाने की मन्नत मांगी है, अभी हमारा अपना घर नहीं है।

प्रिंस ने कहा कि भोलेनाथ से घर बनाने की मन्नत मांगी है, अभी हमारा अपना घर नहीं है।

अभिषेक के कंधों पर शिव- पार्वती की मूर्ति

पलवल के रहने वाले अभिषेक के कंधों पर शिव पार्वती की मूर्ति है। वह कांवड़ियों के जत्थे में सबसे आगे चल रहे हैं। उनकी कांवड़ जत्थे में अलग ही देखी जा रही है, कंधों पर शिव की मूर्ति देखकर हर कोई फोटो व वीडियो में पैदल चलते इस कांवड़िए के पल को कैद करना चाहता है। अभिषेक ने बताया कि एक दिन में 40 से 50 किमी पैदल चलते हैं, जितना भोले चलवाते हैं उतना ही चला जाता है। अपनी मर्जी से कुछ नहीं चलना पड़ता है।

अभिषेक के कंधों पर शिव पार्वर्ती की मूर्ति है।

अभिषेक के कंधों पर शिव पार्वर्ती की मूर्ति है।

रथ पर सजाकर कांवड़ खींच रहे शिवभक्त

कांवड़ियों की अलग अलग कांवड़ देखी जा रही हैं, कोई कांवड़ को रथ पर सजाए हुए तो किसी के कंधों पर भोलेनाथ की मूर्ति है। कलश कांवड़ में 5 लीटर से लेकर 200 लीटर तक गंगाजल लेकर कावंड़िए मंदिरों की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। शिवरात्रि के जल में 4 दिन का समय बचा है, दिल्ली मेरठ रोड कांवड़ियों के रंग में रंगने लगी है।

कांवड़ को अलग अलग तरह से सजाया गया है।

कांवड़ को अलग अलग तरह से सजाया गया है।

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