संस्कृत बोर्ड के प्रदेश टॉपर पर जालसाजी का केस:नाम और जन्मतिथि बदलने का आरोप, 89.36 प्रतिशत अंक मिले


उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की उत्तर मध्यमा (12वीं) परीक्षा में प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतापगढ़ के छात्र रजनीश यादव के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर नाम और जन्मतिथि बदलकर परीक्षा देने का आरोप लगाया गया है। 89.36 प्रतिशत अंक के साथ बने थे प्रदेश टॉपर परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद श्री रामटहल संस्कृत उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, यदुनाथपुर सैफाबाद के छात्र रजनीश यादव ने 89.36 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया था। किसान परिवार से आने वाले रजनीश की सफलता की प्रदेशभर में चर्चा हुई थी। इसी विद्यालय के दो अन्य छात्रों ने भी मेरिट सूची में स्थान बनाया था। शिकायत के बाद दर्ज हुआ मुकदमा अब छात्र की इस उपलब्धि पर सवाल खड़े हो गए हैं। आसपुर देवसरा क्षेत्र के बैजलपुर गांव निवासी जगत प्रसाद की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नाम और जन्मतिथि बदलने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि छात्र के पुराने शैक्षणिक अभिलेखों, राशन कार्ड और मतदाता सूची में उसका नाम अजय कुमार तथा जन्मतिथि 13 मई 1998 दर्ज थी। आरोप है कि बाद में आधार कार्ड समेत अन्य दस्तावेजों में नाम बदलकर रजनीश यादव और जन्मतिथि 1 जुलाई 2010 दर्ज कराई गई। बदले दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा देने का आरोप शिकायत के अनुसार, इन्हीं कथित रूप से बदले गए दस्तावेजों के आधार पर छात्र ने संस्कृत विद्यालय में प्रवेश लिया और वर्ष 2026 की उत्तर मध्यमा परीक्षा में शामिल होकर प्रदेश की मेरिट में पहला स्थान हासिल किया। दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है और यह पता लगाया जा रहा है कि नाम और जन्मतिथि में कथित बदलाव कैसे और किन दस्तावेजों के आधार पर किए गए।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *