![]()
जौनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को भारतीय नाई कल्याण विकास सेवा समिति ने गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची के अपहरण, दुष्कर्म और हत्या के विरोध में प्रदर्शन किया। समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। समिति के अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा ने बताया कि बच्ची का शव दुष्कर्म के बाद गला घोंटकर हत्या कर रोहिन नदी में फेंक दिया गया था। इस मामले में सिपाही अभिषेक यादव आरोपी है। आरोपी सिपाही अभिषेक यादव पर फरवरी 2024 में पश्चिम बंगाल की एक युवती के अपहरण और दुष्कर्म का भी आरोप लगा था। सुरक्षा पर गंभीर सवाल उस समय उसे निलंबित किया गया था, लेकिन सितंबर 2025 में उसकी सेवा बहाल कर दी गई थी। इस घटना ने पुलिस वर्दी और जिला अस्पताल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों पर आम जनता, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम जनमानस में इस वारदात को लेकर भारी आक्रोश है। समिति ने इस जघन्य अपराध की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने और आरोपी को POCSO एक्ट व संबंधित धाराओं के तहत जल्द से जल्द कठोरतम दंड (मृत्युदंड) देने की मांग की है। समिति ने यह भी मांग की है कि पूर्व में गंभीर आरोपों के बावजूद आरोपी सिपाही की बहाली किन परिस्थितियों में की गई, इसकी जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। इसके अतिरिक्त, पीड़ित परिवार को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा 1 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा, सुरक्षा और न्यायिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई है। मृतका के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी शामिल है। समिति ने गोरखपुर सहित प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों और सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी, महिला सुरक्षाकर्मी और रात्रि गश्त की व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया है। साथ ही, पुलिस विभाग में भर्ती, तैनाती और बहाली की प्रक्रिया में चरित्र सत्यापन को और अधिक कठोर बनाने की मांग की गई है ताकि वर्दी का दुरुपयोग करने वाले तत्वों को रोका जा सके।
Source link
गोरखपुर की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या पर जौनपुर में प्रदर्शन:आरोपी सिपाही को फांसी और पीड़ित परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग