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आज सावन का पहला सोमवार है। काशी विश्वनाथ में जल चढ़ाने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ा है। कांवड़ियों की 3 किलोमीटर लंबी लाइन लगी है। जलाभिषेक के लिए भक्तों को केवल 1 सेकेंड का समय मिल रहा है। गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक है। सुबह 4 बजे बाबा की मंगला आरती हुई। इसके बाद दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले गए। पुजारियों ने कांवड़ियों और भक्तों पर फूल बरसाए। काशी विश्वनाथ मंदिर से 3 किलोमीटर की एरिया को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है। मंदिर के 6 गेट से प्रवेश मिल रहा है। बाबा विश्वनाथ आज शंकर स्वरूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। सुरक्षा के लिए मंदिर क्षेत्र को 5 जोन में बांटा गया है। बाबा विश्वनाथ के धाम की सजावट मां काली की नगरी कोलकाता के करीब 50 हजार फूलों से की गई है। इनमें गेंदे के 3000, रजनीगंधा के 1500, गुलाब और जलबेड़ा की 500-500 माला से मंदिर को सजाया गया है। पूरे मंदिर को सजाने में 10 से 12 घंटे का समय लगा है। 40 हजार यादव बंधु बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करेंगे चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के बैनर तले इस साल भी सावन के पहले सोमवार को 94वें साल जलाभिषेक यात्रा निकाली जाएगी। समिति के अध्यक्ष लालजी चंद्रवंशी ने बताया कि लगभग 40 हजार यादव बंधु करीब 17 किलोमीटर की यात्रा कर 7 शिवालयों और दो देवालयों यानी कुल नौ धार्मिक स्थलों में जलाभिषेक और दर्शन-पूजन करेंगे। काशी विश्वनाथ के गर्भगृह में 21 यादव बंधु जलाभिषेक करेंगे। बाकी लोग अरघे से जल चढ़ाएंगे। जलाभिषेक यात्रा की शुरुआत सुबह 7:30 बजे केदार घाट से होगी। श्रद्धालु सबसे पहले गौरी-केदारेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद तिलभांडेश्वर महादेव पहुंचेंगे। फिर शीतला घाट से गंगाजल भरकर माता शीतला और मान मंदिर घाट स्थित अहिलेश्वर महादेव का जलाभिषेक करेंगे। इसके बाद यात्रा श्रीकाशी विश्वनाथ धाम पहुंचेगी, जहां श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक और दर्शन करेंगे। इसके बाद महामृत्युंजय महादेव, त्रिलोचन महादेव, ओंकारेश्वर महादेव और आखिरी में लाटभैरव बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा। काशी विश्वनाथ मंदिर धाम में लॉकर सुविधा बंद है काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने कहा- मंदिर के अंदर सीमित जगह होती है, इसलिए श्रद्धालु जिग जैग लाइन में आएंगे। जगह-जगह पानी की व्यवस्था हैं, जिससे महिलाएं और बुजुर्ग गर्मी में परेशान न हों। मेडिकल स्टाफ भी मौजूद है। सबसे अहम बदलाव ये है कि धाम में मौजूद सभी लॉकर सुविधा बंद है। पहले धाम में यह सुविधा थी। भक्त सिर्फ दूध, गंगा जल और फूल, धतूरा आदि अभिषेक के लिए लेकर जा सकेंगे। दूसरे किसी सामान को लेकर अंदज जाने की इजाजत नहीं दी गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर की अपील- लाइन में 8-10 घंटे लग सकते हैं काशी में सावनभर मैदागिन-गोदौलिया तक नहीं चलेंगे वाहन वाराणसी के एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि मैदागिन से गौदोलिया तक पूरे सावन कोई वाहन नहीं चलेंगे। जबकि शनिवार रात से सोमवार भोर तक बेनिया से रामापुरा-खारी कुआं से जंगमबाड़ी तक, गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक, पीडीआर लक्सा से रामापुरा तक वाहन नहीं चलेंगे। मालवाहकों के नो एंट्री का समय शनिवार रात 8 बजे से मंगलवार भोर तक जारी रहेगा। यह सावन में हर सप्ताह लागू होगा। इसके अलावा भारी वाहनों के शहर के बाहर के लिए रूट तय किया गया है। पड़ोसी जिलों से आने वाले सभी बड़े वाहनों का प्रवेश शनिवार रात से नहीं हो सकेगा। सब्जी, फल और दूध के वाहनों को नहीं रोका जाएगा। गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, चंदौली, प्रयागराज और भदोही से वाराणसी नगर होकर आवागमन करने वाली सभी बसें, ट्रक आदि बड़े वाहन रिंग रोड और एनएच-19 से आ-जा सकेंगे। बड़े वाहन और जरूरी छोटे वाहनों का आना-जाना रिंग रोड से कराया जाएगा। काशी विश्वनाथ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम अब शिव की पूजा से संबंधित 5 सवालों के जवाब 5 स्लाइड में पढ़िए…
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सावन का पहला सोमवार-काशी में रात से 3km लंबी लाइन:मंगला आरती के बाद भक्तों पर पुष्पवर्षा, 40 हजार यादव बंधु जलाभिषेक करेंगे