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बिजनौर में कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। हरिद्वार से जल लेकर कांवड़ यात्री अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले को तीन सुपर जोन, छह जोन, 21 सेक्टर और 60 सब-सेक्टर में बांटा गया है। हर दो किलोमीटर पर मोबाइल पुलिस टीमें तैनात की गई हैं। कांवड़ मार्ग पर 100 से अधिक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) युक्त कैमरे लगाए गए हैं, साथ ही ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। उत्तराखंड के हरिद्वार के बाद उत्तर प्रदेश का बिजनौर पहला जिला है, जहां से लाखों की संख्या में कांवड़ यात्री गुजरते हैं। पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पहले से ही व्यापक तैयारियां की हैं। बिजनौर के मंडावली क्षेत्र में स्थित मोटा महादेव मंदिर कांवड़ यात्रियों का पहला पड़ाव होता है। यहां जल चढ़ाने के बाद यात्री अपने गंतव्य की ओर बढ़ते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में थके हुए कांवरियों को ‘सोंटा’ लगाया जाता है, जिससे उनकी थकान दूर हो जाती है।
एएसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। सुपर जोन की सुरक्षा की कमान एडिशनल एसपी, जोन की निगरानी सीओ और सेक्टरों की व्यवस्था संबंधित थाना प्रभारी संभालेंगे। सब-सेक्टरों में एसआई निगरानी रखेंगे। एसपी सिटी ने बताया कि कांवड़ मार्ग के आसपास के 84 क्षेत्रों को अति संवेदनशील, 145 को संवेदनशील और 42 को सामान्य स्थिति में चिह्नित किया गया है। जनपद में 85 अस्थाई चौकियां स्थापित की गई हैं। प्रमुख मार्गों, संवेदनशील और भीड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
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