इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में हंगामे पर FIR:5 नामजद में से 4 छात्र, निलंबित भी किए गए, कैंपस में इंट्री पर भी रोक


प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सीनेट परिसर में 28 जुलाई को हुई नारेबाजी, प्रदर्शन और विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पांच लोगों को नामजद किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है। इनमें से चार छात्र हैं। बाउंड्री फांदकर भीतर आए
एफआईआर के अनुसार, नामजद आरोपियों में आशुतोष मौर्य, प्रियांशु भुरतिया, आयुष यादव, अमित यादव और गौरव कुमार शामिल हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि सभी आरोपियों ने सीनेट परिसर की बाउंड्री फांदकर अनाधिकृत रूप से प्रवेश किया। इसके बाद नारेबाजी और प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय की सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों में व्यवधान उत्पन्न किया तथा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि घटना के बाद परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की गई। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कर्नलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस अब फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
चार छात्र निलंबित, परिसर में प्रवेश पर भी रोक
घटना को गंभीर मानते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आशुतोष मौर्य, आयुष यादव, अमित यादव और गौरव कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही इन चारों के विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रियांशु भुरतिया इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्र नहीं है, फिर भी उसका नाम एफआईआर में शामिल किया गया है क्योंकि घटना में वह भी शामिल था।
विवि प्रशासन का सख्त संदेश
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि परिसर की सुरक्षा, शैक्षणिक वातावरण और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से परिसर में प्रवेश कर अशांति फैलाने या विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस कर रही जांच
कर्नलगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी संजय सिंह यादव ने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। जांच के दौरान जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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