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सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम की तस्वीर जल्द बदल सकती है। स्टेडियम के संचालन के लिए नोएडा प्राधिकरण पहली बार एफडीआई (विदेशी निवेश) वाली प्रोफेशनल स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी लाने की तैयारी में है। प्राधिकरण का दावा है कि इससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, फीस पर नियंत्रण रहेगा और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों का रास्ता भी खुलेगा।
नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव फीस को लेकर होगा। प्राधिकरण की योजना है कि संचालन करने वाली कंपनी मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ा सकेगी। किसी भी तरह की फीस बढ़ाने से पहले बोर्ड बैठक से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। आम खिलाड़ियों और अभिभावकों के हितों को ध्यान में रखते हुए नए नियम बनाए जाएंगे। स्पोर्टस अकादमियों की जांच शुरू
इसी तैयारी के बीच प्राधिकरण ने स्टेडियम में सालों से संचालित हो रही स्पोर्ट्स अकादमियों और एसोसिएशनों की जांच भी शुरू करा दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ संस्थाएं पिछले 10 से 15 वर्षों से लगातार स्टेडियम में बनी हुई हैं और बार-बार टेंडर हासिल करती रही हैं। इन अकादमियों के खिलाफ मनमानी फीस वसूलने, खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता नहीं रखने और खेल गतिविधियों में पक्षपात जैसी कई शिकायतें प्राधिकरण को मिली हैं।
मनमानी की कोई नहीं गुंजाइश
नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने कहा कि स्टेडियम शहर के लोगों के लिए बनाया गया है, इसलिए इसकी सुविधाओं का लाभ अधिक से अधिक खिलाड़ियों और आम नागरिकों तक पहुंचना चाहिए। नई व्यवस्था में किसी भी प्रकार की मनमानी की गुंजाइश नहीं रहेगी।
व्यवस्थाओं को पेशेवर बनाया उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि बड़ी कंपनी लाने का उद्देश्य सुविधाओं का निजीकरण नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं में पारदर्शिता और पेशेवर संचालन सुनिश्चित करना है। लक्ष्य यह है कि नोएडा से अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचें और शहर बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी भी कर सके।
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