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सुल्तानपुर में पशुपालन विभाग के पैरावेट/पशुमित्रों ने सोमवार 1 बजे जिला प्रशासन को एक ज्ञापन दिया। उन्होंने नियमित मासिक मानदेय और बकाया भुगतान न मिलने के विरोध में प्रदर्शन किया। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी न होने पर वे विभाग के सभी कार्यों का बहिष्कार करेंगे, जिसमें एफ.एम.डी.सी.पी. टीकाकरण अभियान भी शामिल है। ‘पैरा वेटनरी (एसोसिएशन) वर्कर संघ, उत्तर प्रदेश’ के बैनर तले एकजुट हुए इन कर्मियों ने बताया कि वे कई सालों से पशु चिकित्सा अधिकारी की देखरेख में सेवाएं दे रहे हैं। इनमें पशु प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु गणना और गौ आश्रय स्थलों पर कार्य शामिल हैं। ये सेवाएं भीषण गर्मी, बरसात और कड़ाके की ठंड जैसी कठिन परिस्थितियों में भी दी जाती हैं। संघ के जिलाध्यक्ष लालजी पाल, कोषाध्यक्ष भास्कर यादव और जिला महासचिव अभिषेक तिवारी के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें सभी पैरावेट/पशुमित्रों के लिए नियमित मासिक मानदेय का प्रस्ताव अविलंब पारित करना शामिल है। इसके अलावा, 21वीं पशु गणना, सातवें राउंड एफ.एम.डी.सी.पी. और कृत्रिम गर्भाधान की बकाया प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की गई है। उन्होंने सभी पैरावेट व पशुमित्रों को दुर्घटना बीमा योजना से जोड़ने और मल्टी टास्किंग वर्कर (MTW) की भर्ती में केवल पैरावेट/पशुमित्रों को ही अवसर देने की भी मांग की है। कर्मियों का कहना है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है और न ही स्थायी रोजगार या सामाजिक सुरक्षा की कोई गारंटी। कई साथी उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके हैं, लेकिन उनका रोजगार अब भी अस्थायी है, जिससे वे आर्थिक तंगी और अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं। ज्ञापन सौंपने वालों में भानु प्रताप सिंह, रामसागर यादव, राज्यपाल यादव, अमित त्रिपाठी, अंकित मिश्रा सहित कई अन्य पैरावेट/पशुमित्र भी शामिल थे।
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मानदेय न मिलने पर पैरावेट/पशुमित्रों का प्रदर्शन:सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर प्रशासन को मांगपत्र दिया, कार्य बहिष्कार की चेतावनी