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जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने कहा बाबा साहब ने अंबेडकर ने संविधान में हर 10 साल में आरक्षण की समीक्षा का प्रावधान रखा था, लेकिन देश में ऐसा नहीं हो रहा है। उनका यह बयान आज रविवार दोपहर सामने आया हालांकि बयान उन्होंने कल शनिवार देर शाम 5:00 बजे अपने गोंडा दौरे के दौरान दिया। पूर्व सांसद ने आरक्षण के उद्देश्य पर जोर देते हुए कहा कि इसका प्रावधान क्रीमी लेयर को ध्यान में रखकर किया गया था। उन्होंने कहा कि जो लोग नौकरियों में आ गए हैं या अपना सामाजिक-आर्थिक स्तर ऊपर उठा चुके हैं, उन्हें स्वेच्छा से आरक्षण का लाभ छोड़ देना चाहिए। इससे उन्हीं के समाज के उन लोगों को अवसर मिल सकेगा जो अभी भी पीछे रह गए हैं और मुख्यधारा में नहीं आ पाए हैं। धनंजय सिंह ने अपने ग्राम सभा का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके गांव में एक पीसीएस अधिकारी बनने के बाद उनके परिवार और रिश्तेदारों को ही नौकरियों का लाभ मिला, जबकि गांव के अन्य गरीब बच्चे पीछे छूट गए। उन्होंने कहा कि जो पहली पीढ़ी के लोग आगे निकल गए,उन्हीं के बच्चे आगे बढ़ते जा रहे हैं, जबकि पिछड़े और मजदूर वर्ग के लोग मजदूर ही रह गए हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि बाबा साहब ने इसी असमानता को दूर करने के लिए हर 10 साल में समीक्षा का प्रावधान रखा था। धनंजय सिंह ने कहा कि क्लास 1 और क्लास 2 के पदों पर नौकरी पाने वाले लोगों को अपनी अगली पीढ़ी के लिए स्वेच्छा से आरक्षण छोड़ देना चाहिए,ताकि उनके भाई-बंधु और समाज के अन्य जरूरतमंद लोग लाभान्वित हो सकें। अभी भी भारत का समाज बहुत पिछड़ा है भारत में गरीबी बहुत है आज भी आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस देश में 81 करोड़ लोग अभी मुफ्त का अनाज ले रहे हैं। कितने लोग स्वेच्छा से इसे छोड़ रहे हैं इसका मतलब गरीबी है,या तो फिर ईमानदारी नहीं है,यह कैसे तय हो। आप अपने इर्द-गिर्द भी देखिए,आप भी किसी गाँव, समाज या मोहल्ले के रहने वाले हैं। 140 करोड़ की आबादी में अगर 81 करोड़ लोग मुफ्त का अनाज ले रहे हैं, तो आप समझ सकते हैं कि देश के हालात क्या हैं। वहीं चुनाव लड़ने वाले सवाल पर कहा कि अभी यह भविष्य का सवाल है अभी जल्दबाजी होगी आपको दो-तीन महीने बाद क्लैरिटी आ जाएगी। वहीं श्रीराम मंदिर चंदा चोरी को लेकर कहा कि देखिए सरकार अपनी जाँच करे अपनी कार्रवाई करे। मैं एक चीज़ आपको बताना चाहता हूँ हमने पहले भी कहा, किसी समाज के लोग हैं न जो उसमें ड्यूटी लगाए गए होंगे। जहाँ भी अवसर अच्छाई और बुराई समाज में दोनों साथ-साथ चल रही होती है। राम थे तो रावण भी थे अच्छाई और बुराई साथ-साथ चल रही होती है यह मान के चलिए। जब किसी चोर को अवसर मिलेगा, वह चोरी कर लेगा। तो मंदिर में कहीं न कहीं लैप्सेस हुए हैं, इसकी वजह से चोर को मौका मिला और उसने चोरी की है। सरकार इस पर तत्काल FIR करके जेल भेज के कार्रवाई करे कुछ लोग जेल भेजे भी गए हैं।
जहाँ तक मुझे जानकारी है, कुछ लोगों के खिलाफ FIR हुई है उसके बाद अगर इसमें कोई सुनियोजित तरीके से एक तो होता है कि पर्टिकुलर दो-चार लोग इन्वॉल्व हैं, कैश की हैंडलिंग कर रहे हैं और लेके भाग गए, वो अलग विषय है, धीरे-धीरे चुराते रहे। अगर सुनियोजित तरीके से इसीलिए SIT का गठन हुआ है अगर सुनियोजित कोई ऐसी घटना है, तो उसमें सारे लोग निकल के आ जाएं। जो-जो दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी, इसमें कोई दो राय नहीं है। और इसमें देखिए, जब कोई संस्था काम कर रही है, तो पहले ही से सवाल खड़ा कर देना हर चीज़ का एक समय होता है। त्वरित कार्रवाई यह एक डेमोक्रेटिक कंट्री है, तुरंत ही थोड़ी है कि यहाँ पर राजतंत्र है कि फाँसी चढ़ा दिया जाएगा किसी को जुडिशरी क्यों है हमारे यहाँ की कार्यपालिका क्यों है इसीलिए तो है। सबके अपने-अपने काम के बाद निश्चित रूप से दोषियों को सजा मिलेगी ही मिलेगी।
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