दीवारों, बिस्तरों और कमरों में रेंग रहे कीड़े:वार्ड-29 का हाल, गंदगी-कींचड़ में जी रहे लोग; पार्षद बोले- नगर आयुक्त से दुखी हूं


रेंगने वाले कीड़ों की मौजूदगी वार्ड-29 ओमपुरवा के लोगों की जिंदगी नरक बना रही है। हर साल के तीन महीने यही तकलीफ दर्जनों परिवारों को झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक ये कीड़े सेना के फार्म क्षेत्र से निकलकर बस्ती तक पहुंचते हैं। दीवारों, बिस्तरों व कमरों में फैल जाते हैं। दुर्गंध इतनी तेज होती है कि लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो जाता है। स्वास्थ्य विभाग कई बार दवा और चूने का छिड़काव करा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। कीड़ों की समस्या वार्ड के आनंद नगर मोहल्ले में है। इसके अलावा वार्ड के अधिकांश हिस्से में जर्जर सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइट, खाली प्लॉटों में कूड़े के ढेर और बदहाल पार्क भी लोगों की बड़ी परेशानियां हैं। उधर, पार्षद का कहना है कि नगर आयुक्त से दुखी हूं। उन्हें स्थाई समाधान करना चाहिए। निगम के अफसर भी लापरवाही करते हैं। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में वार्ड-29 का जायजा लिया गया… आनंद नगर में बारिश शुरू होते ही हजारों रेंगने वाले कीड़े घरों तक पहुंचते मिले। पार्षद कार्यालय के पास ही खाली प्लॉट कूड़ाघर में तब्दील नजर आया। जगईपुरवा और ओमपुरवा की सड़कें जगह-जगह से टूटी और उखड़ी हुई मिलीं। वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. श्रीप्रकाश जायसवाल के नाम वाले पार्क में कूड़ा फैला मिला और रखरखाव का अभाव साफ दिखाई दिया। पहले ये नजारा देखिए… बारिश शुरू होते ही घरों में घुस जाते हैं हजारों कीड़े वार्ड के आनंद नगर मोहल्ले की सबसे बड़ी समस्या बारिश के दौरान निकलने वाले रेंगने वाले कीड़े हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार जुलाई से सितंबर तक हर साल हजारों की संख्या में ये कीड़े घरों, दीवारों और बिस्तरों तक पहुंच जाते हैं। लोगों का कहना है कि झाड़ू लगाने पर इनसे तेज बदबू आती है। रात में सोना और घर में रहना मुश्किल हो जाता है। घोषणा हुई, लेकिन पार्क की तस्वीर नहीं बदली पोखरपुर स्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. श्रीप्रकाश जायसवाल के घर के सामने वाले पार्क का नाम उनके नाम पर रखकर सौंदर्यीकरण की घोषणा की गई थी। करीब आठ महीने बाद भी पार्क बदहाल मिला। पार्क में कूड़ा फैला था, घास नहीं थी और रखरखाव के अभाव में उसकी स्थिति खराब दिखाई दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि घोषणा के अनुरूप अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ। वार्ड की बड़ी समस्याएं बारिश में कीड़ों का प्रकोप: आनंद नगर में हर साल हजारों रेंगने वाले कीड़े घरों तक पहुंच जाते हैं। खाली प्लॉटों में कूड़ा: कई प्लॉट कूड़ा डंपिंग स्थल बन चुके हैं, जिससे गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। टूटी सड़कें: जगईपुरवा, ओमपुरवा और नई बस्ती की सड़कें जर्जर हैं। खराब स्ट्रीट लाइट: कई गलियों में स्ट्रीट लाइट बंद हैं, जिससे रात में अंधेरा रहता है। बदहाल पार्क: श्रीप्रकाश जायसवाल के नाम वाले पार्क का सौंदर्यीकरण अब तक शुरू नहीं हुआ। खाली प्लॉट बन गए कूड़ा घर आनंद नगर और ओमपुरवा के कई खाली प्लॉटों में खुलेआम कूड़ा डाला जा रहा है। वार्ड परिक्रमा के दौरान पार्षद कार्यालय के पास स्थित एक खाली प्लॉट में भी कूड़े का बड़ा ढेर मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने से गंदगी बढ़ रही है। बरसात में बदबू, मच्छर और संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। जर्जर सड़कें और खराब स्ट्रीट लाइट से बढ़ी परेशानी जगईपुरवा, ओमपुरवा और नई बस्ती की कई सड़कें उखड़ी हुई हैं। बारिश के दौरान इन पर जलभराव और कीचड़ हो जाता है, जिससे पैदल चलना और वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। लोगों ने बताया कि कई गलियों में स्ट्रीट लाइट भी खराब हैं। पाइपलाइन और बिजली के काम के बाद सड़कें खोदी गईं, लेकिन दोबारा ठीक नहीं कराई गईं। बरसात में कीड़ों से लोगों की नींद उड़ी भगवान दीन ने बताया कि बरसात के दिनों में बड़ी संख्या में कीड़े निकलते हैं, जिन्हें हटाने पर तेज बदबू आती है। निर्मला देवी ने कहा कि खनखजूरों जैसे कीड़े बिस्तरों तक पहुंच जाते हैं, जिससे न खाना खाया जाता है और न आराम से सोया जा सकता है। वहीं स्वर्ण कुमार ने बताया कि फार्म के किनारे बने मकानों में बारिश के समय कीड़ों की समस्या सबसे ज्यादा होती है और लोग रातभर परेशान रहते हैं। खाली प्लॉट बने कूड़ाघर, सफाई व्यवस्था पर सवाल सुंदर कुमारी भदौरिया ने बताया कि इलाके में नियमित झाड़ू नहीं लगती और सफाई कर्मचारी शिकायत करने के लिए नगर निगम जाने को कहते हैं। रेखा शर्मा ने कहा कि घर के सामने खाली प्लॉट में लोग कूड़ा डाल जाते हैं, लेकिन सफाई नहीं होती। गोविंद और सर्वेश कुमार ने बताया कि आसपास के इलाकों का कूड़ा भी यहीं डाला जाता है, जिससे गंदगी और बदबू बढ़ रही है। बदहाल सड़कें और उपेक्षित पार्क मो. नियाज ने बताया कि पाइपलाइन और बिजली की लाइन डालने के बाद कई गलियों की सड़कें खराब हो गई हैं। शिवम गुप्ता ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. श्रीप्रकाश जायसवाल के नाम वाले पार्क के सुंदरीकरण की घोषणा हुई थी, लेकिन अब तक कोई काम नहीं हुआ। वहीं मो. मकसूद ने बताया कि पार्क में कूड़ा फैला है और जनप्रतिनिधि भी इलाके में नहीं आते। —————— ये खबर भी पढ़िए… झुके पोल जानलेवा, मोहल्लों में भर रहा पानी:वार्ड-60 में बिजली व्यवस्था भी खराब, पार्षद बोलीं- केस्को वाले हमारी नहीं सुनते खंभा गिरने वाला है। 18 जून को एक गाय करंट से चिपककर मर गई थी। एक मौत के बाद भी जिम्मेदार जाग नहीं रहे हैं। बारिश के समय पानी भर जाता है। पार्षद को फोन करो तो वह उठाते नहीं हैं…। यह आरोप कानपुर के वार्ड-60 रावतपुर के लोगों के हैं। वार्ड की ज्यादातर नालियों में गंदगी बजबजा रही है। मैदान कूड़ाघर बन चुके हैं। झुके बिजली के पोल खतरा बने हुए हैं। खराब हैंडपंप, बंद स्ट्रीट लाइट और जलभराव के बीच हजारों लोग रह रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… —————— ये खबर भी पढ़िए… मुख्य सड़क पर चलना खतरनाक है, हमें डर लगता है…:वार्ड-17 में हो रहे हादसे, लोग बोले-स्पीड ब्रेकर बने, मोहल्लों में सफाई हो वार्ड की मुख्य सड़क पर चलना खतरनाक है, हमें डर लगता है। मोहल्लों में गंदगी रहती है…। ये समस्याएं कानपुर के वार्ड-17 नारामऊ के लोगों ने बताईं हैं। उनका कहना है कि न सड़क सुरक्षित हैं और न सीवर चालू है। सफाई व्यवस्था भी खराब है। यहां लोग गंदगी, जलभराव और खतरों के बीच जी रहे हैं। वार्ड की मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार वाहन कई जिंदगियां छीन चुके हैं। काफी मिन्नतों के बाद भी स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए। गंदगी से नालियां बजबजाती हैं। बरसात में प्लॉट तालाब बन रहे हैं। लोगों का कहना है कि पार्षद से लेकर नगर निगम तक सभी जगह समस्याएं बताईं, लेकिन समाधान कहीं से नहीं मिला। पूरी खबर पढ़ें…

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *