रालोद के युवा जिलाध्यक्ष समेत 38 पदाधिकारियों का इस्तीफा:अनुशासनहीनता पर कार्रवाई न होने से नाराजगी, कई नामों के आगे साइन नहीं थे


हापुड़ में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के युवा जिलाध्यक्ष समेत 38 पदाधिकारियों ने शुक्रवार शाम सामूहिक इस्तीफे की घोषणा कर दी। निवर्तमान युवा जिलाध्यक्ष अशोक त्यागी ने अपने कैंप कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में इस्तीफे का ऐलान किया। इस दौरान पार्टी हाईकमान से फोन आने के बाद कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अनुशासनहीनता पर कार्रवाई न होने का लगाया आरोप अशोक त्यागी ने बताया कि ‘टीम रालोद’ के एक कार्यक्रम में हुई अनुशासनहीनता के मामले में पार्टी नेतृत्व की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच समिति का गठन किया था, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है। उन्होंने बताया कि इसी विरोध में उन्होंने और 37 अन्य पदाधिकारियों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया है। हाईकमान के फोन से मची हलचल इस्तीफे की घोषणा के दौरान पार्टी हाईकमान से फोन आने पर कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों के बीच हलचल मच गई। सूत्रों के अनुसार, फोन पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की ओर से किया गया था, जो सामूहिक इस्तीफे के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए था। कार्यक्रम में मौजूद नेताओं ने यह भी घोषणा की कि वे फिलहाल पार्टी के किसी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। सूची में कई नाम, लेकिन सभी नहीं पहुंचे इस्तीफे की सूची में कुल 38 पदाधिकारियों के नाम शामिल किए गए थे। हालांकि, कार्यक्रम में कई पदाधिकारी मौजूद नहीं थे। ऐसे में जिन लोगों ने मौके पर इस्तीफे की पुष्टि नहीं की या हस्ताक्षर नहीं किए, उनके नामों पर पेन चला दिया गया। इन पदाधिकारियों ने किए हस्ताक्षर जारी सूची के अनुसार पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव भरना, विधि प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, विजेंद्र सिंह, शिवकुमार रोहेला, चेतन त्यागी, जितेंद्र करकोड़ा, आकिल खान, चमन सिंह, आसिफ मलिक और आमिर सैफी ने इस्तीफा सूची पर हस्ताक्षर किए। इन नामों के आगे नहीं थे हस्ताक्षर सूची में कुंवरपाल सिरोही, मनीष त्यागी, प्रवीण रावत, आलोक त्यागी, विक्की अरोड़ा, बलराम सेठी, अंशुल शर्मा, कमल सैनी, राजीव निर्मल, अखिल चौधरी, अभिषेक त्यागी, विशाल त्यागी, कुणाल गौतम, वरुण चौधरी, ध्रुव गौतम और लताफत चौधरी समेत कुछ अन्य पदाधिकारियों के नाम दर्ज थे, लेकिन उनके आगे हस्ताक्षर नहीं थे। इसलिए यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सभी ने औपचारिक रूप से इस्तीफा दिया है या नहीं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *