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संयुक्त किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने बुधवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष इंद्रदेव पाल के नेतृत्व में सुबह 11:30 बजे हुए इस प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मोर्चा ने विंध्य एक्सप्रेसवे पक्षी विहार योजना को रद्द करने की प्रमुख मांग रखी। इसके साथ ही, किसानों की भूमि कृषि हेतु सुरक्षित रखने और जबरन भूमि अधिग्रहण न करने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नई शिक्षा नीति वापस लेने की मांग भी इसमें शामिल थी। मोर्चा की अन्य मांगों में भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता बंद करना, अमेरिकी कृषि उत्पादों के हमले से भारतीय किसानों की रक्षा करना, बिजली का निजीकरण रोकना और ईंधन चार्ज के नाम पर बिजली बिल में 10% की वृद्धि न करना शामिल है। उन्होंने किसी भी प्रकार का स्मार्ट मीटर न लगाने, फसलों का समर्थन मूल्य सुनिश्चित करने और समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी के लिए कानून बनाने की भी मांग की। किसानों ने वन्य और आवारा जानवरों से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की। धनापुर, कधिया, इमाम अली और जोलहापुर के किसानों की जमीन से यूपीसीडा का नाम खारिज कर किसानों का नाम पूर्ववत दर्ज करने की मांग की गई। भदोही विकास प्राधिकरण का मास्टर प्लान रद्द करने और उर्वरक की आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। मांगों को मानने की अपील छात्रों और सोनम वांगचुक की मांगों को मानने की अपील भी की गई। इस अवसर पर घनश्याम गौतम, हीरालाल यादव, केशव प्रसाद, मिठाई लाल, अमरावती, बंसराज, सूबेदार, सुनील कुमार, हीरा नारायण, रामलाल सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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संयुक्त किसान मोर्चा ने विंध्य एक्सप्रेसवे रद्द करने की मांग:शिक्षा मंत्री के इस्तीफे व अन्य मांगों पर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन, ज्ञापन सौंपा