वाराणसी में पेपर लीक के विरोध में सपा का प्रदर्शन:सड़क पर लगाया पोस्टर, राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग


देशभर में सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को दोपहर 12 बजे समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में विरोध प्रदर्शन किया। “सड़क से लेकर संसद तक” अभियान के तहत कार्यकर्ताओं ने लंका थाना क्षेत्र के नारिया स्थित BHU गेट के पास प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने पोस्टर और होर्डिंग लगाकर दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में 19 बड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। होर्डिंग पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की तस्वीर भी लगाई गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से करोड़ों छात्रों और युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है तथा भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस से हुई धक्का मुक्की प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता BHU सिंह द्वार की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की भी हुई। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखते हुए प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थान पर ही रोक दिया। राष्ट्रपति के नाम लिखे पत्र का दिया ज्ञापन प्रदर्शन के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और परिणामों में अनियमितताओं की घटनाओं ने देश के करोड़ों छात्रों का भरोसा कमजोर किया है। अभ्यर्थी वर्षों तक कठिन परिश्रम और आर्थिक संसाधन लगाकर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं से उनका भविष्य संकट में पड़ जाता है। सपा की 6 मांग • सभी प्रमुख परीक्षा अनियमितताओं एवं पेपर लीक मामलों की सर्वोच्च स्तर पर निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए। • दोषी व्यक्तियों, अधिकारियों एवं संगठित गिरोहों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। • राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र समीक्षा कर आवश्यक सुधार किए जाएं। • छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पारदर्शी एवं जवाबदेह परीक्षा प्रणाली लागू की जाए। • नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें अथवा उन्हें पद से हटाया जाए। • भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी एवं सख्त कानून तथा तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।

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