वाराणसी53 मिनट पहले
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आज भी तीसरे दिन होगी टीईटी परीक्षा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वर्षाें से विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षक भी परीक्षार्थी बनकर कतार में खड़े दिखे। दरअसल, उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से चार साल बाद UPTET यानी उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा कराई जा रही है। तीन दिनों तक होने वाली इस परीक्षा में करीब 20 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
इस परीक्षा में डीएलएड व बीएड कर चुके अभ्यर्थियों के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षक भी परीक्षार्थी बनकर कतार में खड़े दिखे। टीईटी की अनिवार्यता से प्रदेश भर में लाखों शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिक्षकों काे इस बात का अहसास है कि यदि वे ये परीक्षा में सफल नहीं हुए तो उनकी नौकरी चली जाएगी। बस इसी डर ने रिटायरमेंट की उम्र में पहुंच चुके बड़ी संख्या में सरकारी शिक्षक भी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा देने के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें ज्यादातर सहायक अध्यापक तो कई प्राथमिक या मीडिल में प्रधानाध्यापक हैं।

मऊ के रहने वाले श्रीराम सरकारी विद्यालय में टीचर हैं।
“बेटों के साथ बैठकर परीक्षा की तैयारी किया”
मऊ के रहने वाले श्रीराम की उम्र 52 वर्ष हैं। वह परिषदीय विद्यालय में अध्यापक हैं। वह कहते हैं, “मेरा लड़का BHU से एमएससी कर रहा है तो दूसरी बेटी प्रयागराज में तैयारी कर रही है। अब जिस उम्र में बच्चों की चिंता होनी चाहिए, उस उम्र में मैं खुद अपनी नौकरी बचाने के लिए दौड़ रहा हूं। सरकार को इस पर विचार करना चाहिए।”

अवधेश कुमार चित्रकूट में प्रधानाध्यापक हैं।
अवधेश कुमार, प्रयागराज के रहने वाले हैं। चित्रकूट के मानिकपुर में स्थित कंपोजिट विद्यालय कल्यानपुर में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात हैं। उन्होंने कहा, कोर्ट और सरकार के आदेश का पालन करते हुए परीक्षा देने के लिए आया हूं। मेरे बेटे भी विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनकी मदद से व यूट्यूब की मदद से इस परीक्षा की तैयारी 2 महीने से कर रहा था। अभी तक बच्चों की परीक्षाएं करा रहा था लेकिन अभी खुद परीक्षार्थी बनकर यहां आया हूं।

अमित सिंह, प्रधानाध्यापक हैं लेकिन टीईटी परीक्षा देने पहुंचे।
“CM योगी से शिक्षकों को मिलेगा न्याय”
अमित सिंह, वाराणसी के कटिंग मेमोरियल कालेज में बने परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। प्रयागराज के शंकरगढ़ स्थित कंपोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। वह कहते हैं 20 साल की नौकरी करने के बाद अब फिर से टीईटी की परीक्षा देने के लिए पहुंचा हूं। हम लोग अपने विज्ञापन की शर्तों को पूरा करने के बाद नौकरी में आए हैं। सरकार से मांग है, हम लोग सेवारत है हम लोगों को इस परीक्षा से छूट रखा जाए। मुख्यमंत्री से हम लोगों को उम्मीदें हैं, उम्मीद है वह हम लोगों के साथ न्याय करेंगे।
