![]()
देश की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNAL) के बीच राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) परियोजनाओं के विकास के लिए एक ज्वाइंट वेंचर (JV) समझौता हुआ है।
.
लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में यूपीआरवीयूएनएल के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी और कोल इंडिया के निदेशक (बिजनेस डेवलपमेंट) आशीष कुमार की मौजूदगी में इस डील पर हस्ताक्षर किए गए।
जमीन ही नहीं, पानी पर भी तैरेंगे सोलर प्लांट
इस समझौते के तहत पूरे उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सिर्फ पारंपरिक सौर ऊर्जा ही नहीं, बल्कि कई अत्याधुनिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा। जमीन पर बड़े पैमाने पर सोलर पार्क बनेंगे।
इसके साथ ही पानी की सतह पर तैरते हुए (फ्लोटिंग) और छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। हवा से बिजली बनाने के लिए विंड मिल प्रोजेक्ट्स लगेंगे। बिजली बैकअप और ग्रिड को मजबूती देने के लिए पंप्ड स्टोरेज सिस्टम विकसित किए जाएंगे।
कोल इंडिया के पास रहेगी 51% कमान
प्रोजेक्ट को तेजी से जमीन पर उतारने के लिए एक नई संयुक्त उद्यम कंपनी का गठन किया जाएगा। इस कंपनी में कोल इंडिया के पास 51% हिस्सेदारी होगी। कंपनी को वित्तीय व्यवस्था, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और क्लीन एनर्जी तकनीक लाना होगा।
वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के पास 49% हिस्सेदारी होगी। बिजली उत्पादन का लंबा अनुभव और प्रदेश की जरूरत के मुताबिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना होगा।
UP को क्या होगा फायदा?
- कार्बन उत्सर्जन में कमी: कोयले पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होगी और यूपी में पर्यावरण-अनुकूल ‘हरित ऊर्जा’ का दायरा बढ़ेगा।
- सस्ती और निर्बाध बिजली: सोलर और विंड एनर्जी के इस कॉम्बो से आने वाले समय में प्रदेश को सस्ती और बिना रुकावट बिजली मिल सकेगी।
- रोजगार और निवेश: प्रदेश में इन बड़ी परियोजनाओं के आने से हजारों कुशल और अकुशल युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।