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रामपुर जिला अस्पताल में शुक्रवार को गजेटेड अवकाश के कारण ओपीडी में अधिकांश डॉक्टर अनुपस्थित रहे। सुबह 8 बजे ओपीडी शुरू होने के बाद 10:30 बजे तक केवल दो से तीन डॉक्टर ही मरीजों को देख रहे थे, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सामान्य दिनों में यहां 10 से 11 डॉक्टर ओपीडी में उपलब्ध रहते हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। इसके अतिरिक्त, कई मरीज बिना आधार कार्ड और मोबाइल नंबर के अस्पताल पहुंचे, जिनकी ओपीडी पर्ची नहीं बन पाई। पर्चा न बनने के कारण इन मरीजों को बिना इलाज और दवा के वापस लौटना पड़ा। विजईया गांव के अमरदीप ने बताया कि बिना आधार और मोबाइल नंबर के उनका पर्चा नहीं बन सका। उन्हें अब आवश्यक दस्तावेज लेकर अगले दिन आने को कहा गया। अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. बी.सी. सक्सेना ने स्थिति को संभाला। उन्होंने अपने कक्ष में बैठकर कई मरीजों का परीक्षण किया, दवाइयां लिखीं और जरूरतमंदों को दवाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने कई मरीजों के लिए सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे जैसी जांचों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की। इसी क्रम में, ज्वालानगर से आईं बुजुर्ग महिला सावित्री देवी अपने बीमार बेटे का पर्चा लेकर अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने सीएमएस को बताया कि उनके बेटे को तत्काल दवा की आवश्यकता है। डॉ. सक्सेना ने तुरंत मरीज को देखा, दवाइयां लिखीं और उसके उपचार की व्यवस्था की। सीएमएस डॉ. बी.सी. सक्सेना ने बताया कि गजेटेड अवकाश होने के कारण सीमित संख्या में चिकित्सकों ने अनुरोध पर ओपीडी सेवाएं प्रदान कीं। उन्होंने डॉ. डी.के. वर्मा, डॉ. दशरथ और एक अन्य उपस्थित चिकित्सक का धन्यवाद किया, जिन्होंने अवकाश के बावजूद मरीजों की सेवा की। अस्पताल पहुंचे मरीजों ने मांग की कि अवकाश के दिनों में भी पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की तैनाती होनी चाहिए। साथ ही, ऐसे मरीजों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए जिनके पास आधार कार्ड या मोबाइल नंबर उपलब्ध नहीं है, ताकि उन्हें बिना इलाज और दवा के वापस न लौटना पड़े।
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रामपुर में डॉक्टर अवकाश पर, मरीज बिना इलाज लौटे:आधार-मोबाइल के बिना नहीं बना पर्चा, सीएमएस ने संभाली ओपीडी