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प्रतापगढ़ में मोहर्रम पर्व के मद्देनजर कुंडा विधायक राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह सहित 13 लोगों को प्रशासन ने नजरबंद कर दिया है। यह कार्रवाई कुंडा के शेखपुर आशिक गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है। उन्हें गुरुवार सुबह 5 बजे से शुक्रवार रात 9 बजे तक पुलिस निगरानी में रखा जाएगा। शेखपुर आशिक गांव में 12 साल पहले एक हनुमान मंदिर का निर्माण किया गया था। राजा उदय प्रताप सिंह हर साल मोहर्रम के दिन ही यहां हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन करते हैं। 9 साल पहले मुस्लिम समुदाय ने इस भंडारे का विरोध करते हुए ताजिया नहीं उठाया था, जिसके बाद से यह स्थान संवेदनशील बना हुआ है। वर्ष 2015 में मोहर्रम के ताजिए और हनुमान मंदिर के भंडारे को लेकर बड़ा विवाद हुआ था। इसी कारण कुंडा का शेखपुर आशिक गांव हर साल मोहर्रम पर चर्चा में रहता है। प्रशासन इस पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए विशेष रूप से सतर्क है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार पाण्डेय ने बताया कि नजरबंद किए गए लोगों के घरों पर पुलिस बल तैनात है। शेखपुर आशिक में मोहर्रम रूट को चार सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक सीओ, 6 इंस्पेक्टर, 30 उप निरीक्षक, 40 हेड कांस्टेबल, 80 कांस्टेबल, 30 महिला आरक्षी, 3 फायर टेंडर और एक प्लाटून पीएसी तैनात की गई है। इस गांव में हर साल मोहर्रम पर सुरक्षा बढ़ाने के पीछे 9 साल पुरानी एक घटना है। वर्ष 2012 में शेखपुर गांव में सड़क किनारे एक बंदर की मौत हो गई थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने वहां हनुमान मंदिर का निर्माण किया। राजा उदय प्रताप सिंह ने वहां हनुमान पाठ और भंडारे का आयोजन शुरू किया, जो मोहर्रम के दिन ही होता था। वर्ष 2013 और 2014 में भंडारा और मोहर्रम का जुलूस साथ-साथ निकला था। 2015 के मोहर्रम पर मुस्लिम समुदाय ने हनुमान मंदिर पर भंडारे और झंडे का विरोध करते हुए अपनी ताजिया नहीं उठाई और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद मामला पुलिस-प्रशासन तक पहुंच गया। मोहर्रम के दसवीं के अगले दिन तत्कालीन डीएम और एसपी ने मामले को शांत कराते हुए ताजिया को दफन कराया। अब तक 7 बार नजरबंद हो चुके हैं उदय प्रताप सिंह,वहीं, 2016 में शेखपुर में तनाव की स्थिति हो गई, क्योंकि जिला प्रशासन ने राजा उदय प्रताप सिंह को भंडारे करने की अनुमति नहीं दी थी। हनुमान मंदिर पर भंडारे को लेकर मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया, लेकिन कोर्ट ने डीएम को अपने विवेक से निर्णय के लिए निर्देशित किया। इसके बाद से राजा उदय प्रताप सिंह को हर बार मोहर्रम के मौके पर हाउस अरेस्ट कर लिया जाता है। राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को हर वर्ष हाउस अरेस्ट किया गया है। हर बार पुलिस की मौजदगी में ही मोहर्रम का जुलूस संपन्न कराया जाता है।
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राजा उदय प्रताप को प्रशासन ने किया नजरबंद:प्रतापगढ़ में मोहर्रम पर शांति व्यवस्था के लिए 13 अन्य भी हिरासत में