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सम्भल में सोमवार को बालश्रम और भिक्षावृत्ति के खिलाफ एक सघन अभियान चलाया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों पर ‘बालश्रम, भिक्षावृत्ति एवं बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत थाना AHT टीम ने सम्भल/नखासा क्षेत्र में यह कार्रवाई की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बालश्रम और बाल भिक्षावृत्ति जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार के आदेश पर अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) मनोज कुमार रावत और क्षेत्राधिकारी बहजोई स्तुति सिंह के निर्देशन में यह अभियान चलाया गया। थाना AHT प्रभारी निरीक्षक पवनवीर सिंह राणा के नेतृत्व में टीम ने श्रम प्रवर्तन अधिकारी मो. आजम और प्रयत्न संस्था (जस्ट राइट एनजीओ) के गौरी शंकर चौधरी की टीम के साथ मिलकर संयुक्त कार्रवाई की। अभियान के दौरान टीम ने सम्भल/नखासा क्षेत्र के भीड़-भाड़ वाले इलाकों, प्रमुख चौराहों और 10 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान भिक्षावृत्ति का कोई मामला सामने नहीं आया, लेकिन विभिन्न स्थानों से 9 नाबालिग बच्चों को बालश्रम से मुक्त कराया गया। इन बच्चों को काउंसलिंग दी गई और उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई है। अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त निर्देश दिए कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों से श्रम कराना कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्हें बाल अधिकारों और बाल संरक्षण कानूनों के प्रति भी जागरूक किया गया।इस अभियान के तहत आमजन को भी बालश्रम, भिक्षावृत्ति और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। आपातकालीन सहायता के लिए सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 108, 1076 और 181 की जानकारी भी साझा की गई।अधिकारियों ने बताया कि जिले को बालश्रम और बाल शोषण से पूरी तरह मुक्त करने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
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सम्भल में बालश्रम के खिलाफ अभियान:9 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर शिक्षा से जोड़ा