ममता-उद्धव के बाद क्या लालू के भी सांसद तोड़ेगी BJP?:कौन-कौन सांसद टूट सकते हैं और क्यों, भाजपा का पूरा गेम प्लान जानिए


महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव गुट) और पश्चिम बंगाल में TMC के बाद अब बिहार के सियासी गलियारों में सुगबुगाहट तेज है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसदों पर भाजपा की पैनी नजर है। क्या लालू यादव के सांसद टूटेंगे। किस-किस पर भाजपा डाल रही डोरे, जानेंगे आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में… क्या टूटेंगे लालू यादव के सांसद, सिलसिलेवार तरीके से जानिए 2024 लोकसभा चुनाव में RJD ने 4 सीटें जहानाबाद, पाटलिपुत्र, बक्सर और औरंगाबाद जीती। अभय कुशवाहाः JDU से RJD में आए, अबकी बार सम्राट से मिले कुशवाहा समाज से आने वाले अभय कुशवाहा औरंगाबाद से लोकसभा सांसद हैं और संसद में RJD के नेता भी हैं। लालू प्रसाद यादव ने अपनी बेटी मीसा भारती के बजाय अभय कुशवाहा को लोकसभा में पार्टी की कमान सौंपी थी। सियासी गलियारे में उनके पाला बदलने की चर्चा है। यह चर्चा तब शुरू हुई जब उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी। हालांकि, इसकी अभी सिर्फ चर्चा है, कंफर्म कुछ भी नहीं है। यदि अभय कुशवाहा पाला बदलते हैं, तो इसके पीछे मुख्य रूप से 3 कारण हो सकते हैं… सुधाकर सिंहः भाजपा से चुनाव लड़ चुके हैं, तेजस्वी के करीबियों से मतभेद RJD के प्रदेश अध्यक्ष रहे और लालू यादव के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह ने बक्सर सीट से जीत दर्ज की है। वे नीतीश कुमार की कैबिनेट में कृषि मंत्री भी रह चुके हैं, जहां से उन्होंने बगावती तेवर अपनाकर इस्तीफा दिया था। सियासी गलियारे की चर्चा कि माने तो वह पाला बदल सकते हैं, लेकिन अभी सिर्फ चर्चा है। ठोस कुछ भी नहीं है। राजपूत समुदाय से आने वाले सुधाकर सिंह पार्टी में समाज के बड़े नेता हैं। नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रहते हुए भी अपनी ही सरकार की नीतियों (जैसे कृषि रोड मैप और मंडी कानून) पर खुलकर हमला बोलने के कारण युवाओं और किसानों के बीच उनकी छवि एक ‘ईमानदार बागी’ की बनी है। पाला बदलने की चर्चा करने वालों के 3 तर्क सुधाकर सिंह के पाला बदलने की चर्चा करने वाले इसके पीछे 3 तर्क देते हैं… मीसा भारतीः लालू यादव की बड़ी बेटी, पार्टी बदलने की संभावना नहीं पाटलिपुत्रा से सांसद हैं। लालू प्रसाद यादव की सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती ने लगातार दो बार हारने के बाद आखिरकार भाजपा के कद्दावर नेता रामकृपाल यादव को हराकर इस सीट पर कब्जा किया है। वह पार्टी और परिवार के प्रति अपने लगाव को मजबूती से व्यक्त करती रही हैं। इनके पाला बदलने की कोई संभावना नहीं है और ना ही चर्चा है। सुरेंद्र यादवः संभावना कम, लेकिन कुछ तय नहीं सुरेंद्र प्रसाद यादव जहानबाद से सांसद हैं। मगध क्षेत्र के बेहद कद्दावर और दबंग नेता माने जाते हैं। वे बिहार सरकार में मंत्री और 7 बार विधायक रह चुके हैं। भाजपा तबाड़तोड़ पार्टियों को क्यों तोड़ रही इसे समझने के लिए 2 महीने पीछे चलना होगा। 16 से 18 अप्रैल 2026। मोदी सरकार लोकसभा में 3 विधेयक लाई। तर्क दिया कि 2029 चुनाव तक महिला आरक्षण कानून लागू करने के लिए ये तीनों विधेयक पारित होने जरूरी हैं। इसमें एक संविधान संशोधन विधेयक था। इसमें लोकसभा की अधिकतम सीटें 550 से बढ़ाकर 850 करने और संविधान के आर्टिकल 81 और 82 में बदलाव करने के प्रावधान थे। संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है, यानी वोटिंग में आधे से ज्यादा सदस्य सदन में मौजूद हों और जितने सदस्य मौजूद हैं, उनमें से कम से कम दो-तिहाई सांसद इसके पक्ष में वोट दें। अभी दोनों सदनों में मोदी सरकार का आंकड़ा कितना है लोकसभा में NDA के साथ 318 सांसद राज्यसभा में NDA के साथ 154 सांसद

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