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उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक अनुज कुमार झा ने हरदोई जनपद में तैनात दो अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितताओं और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप हैं। इसके साथ ही, दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। निदेशक अनुज कुमार झा के मुताबिक, नगर पालिका परिषद शाहाबाद, हरदोई में तैनात अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार सोनकर को रिश्वत लेने के आरोपों में निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)/प्रभारी अधिकारी और शाहाबाद नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर की गई है। इसी क्रम में, हरदोई की नगर पालिका परिषद बिलग्राम में कार्यरत अधिशासी अधिकारी नीलाव शल्या पर भी कार्रवाई हुई है। उन्हें एक ठेकेदार से भुगतान के बदले कथित तौर पर कमीशन और रिश्वत लेने के वायरल वीडियो तथा दर्ज एफआईआर के बाद निलंबित किया गया है। यह निलंबन जिलाधिकारी हरदोई की रिपोर्ट पर आधारित है। निदेशक अनुज कुमार झा ने स्पष्ट किया कि नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा और प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद के निर्देशों के अनुसार, स्थानीय निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता या पद के दुरुपयोग के मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई या संरक्षण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रखेगी।
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हरदोई में दो अधिशासी अधिकारी निलंबित:निदेशक ने भ्रष्टाचार और रिश्वत के आरोप में लिया एक्शन