श्रावस्ती प्रदेश में 7वें स्थान पर:डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने खराब रैंकिंग वाले विभागों को लगाई फटकार


श्रावस्ती जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड और सीएमआईएस पोर्टल पर विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं और परियोजनाओं की स्थिति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने खराब रैंकिंग वाले विभागाध्यक्षों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करें और योजनाओं की शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग कराएं। डीएम ने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी। विकास और राजस्व कार्यों में प्रदेश में 7वीं रैंक बैठक में बताया गया कि मई 2026 में विकास एवं राजस्व कार्यों की संयुक्त रैंकिंग में श्रावस्ती प्रदेश में सातवें स्थान पर रहा। कुल 85 कार्यक्रमों में से 55 को ‘ए’ श्रेणी, 4 को ‘बी’, 3 को ‘सी’ और 1 को ‘डी’ श्रेणी प्राप्त हुई। वहीं 22 कार्यक्रमों को ‘एनए’ श्रेणी में रखा गया। कई विभागों को मिला ‘ए’ ग्रेड समीक्षा में अतिरिक्त ऊर्जा, कृषि, उद्यान, ग्राम्य विकास, ग्रामीण अभियंत्रण, दुग्ध विकास, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति, पर्यटन, प्राथमिक शिक्षा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पशुधन, पिछड़ा वर्ग कल्याण, मत्स्य, महिला एवं बाल विकास, माध्यमिक शिक्षा, श्रम एवं सेवायोजन, समाज कल्याण और सहकारिता समेत कई विभागों के कार्यक्रमों को ‘ए’ ग्रेड प्राप्त होने की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग के प्रदर्शन पर चिंता चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नियोजन, पंचायती राज, लोक निर्माण विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा लोक शिकायत (निर्माण कार्य) से जुड़े कुछ कार्यक्रम ‘बी’, ‘सी’ और ‘डी’ श्रेणी में रहे। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रदर्शन सुधारने के निर्देश दिए। सीटी स्कैन सेवा की रैंकिंग पर जताई नाराजगी समीक्षा के दौरान बताया गया कि एकीकृत बागवानी विकास मिशन और राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना प्रदेश के शीर्ष पांच जनपदों में शामिल रहीं। वहीं सीटी स्कैन सेवाएं योजना प्रदेश के अंतिम पांच जनपदों में दर्ज की गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी करने और तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। लंबित निर्माण परियोजनाएं जल्द पूरी करने के निर्देश सीएमआईएस पोर्टल पर एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि पूरी हो चुकी परियोजनाओं का तत्काल हैंडओवर कराया जाए। उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी कार्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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