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जिले के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज में विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्था और नियमों को लेकर सवाल खड़े हो गए। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वारों पर ही रोक दिया गया। सुरक्षा कर्मियों ने आने जाने वाले यह कहते हुए वाहन सहित प्रवेश नहीं दिया कि विश्वविद्यालय में प्रत्येक मंगलवार को “नो व्हीकल डे” लागू रहता है, जिसके तहत डीजल, पेट्रोल चालित वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसके चलते लोगों को लगभग एक किलोमीटर दूर वाहन खड़े कर पैदल परिसर तक पहुंचना पड़ा। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और दूर-दराज से आए लोगों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं, विश्वविद्यालय परिसर में संचालित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं तथा डाकघर में कार्य से पहुंचे क्षेत्रीय ग्राहकों को भी असुविधा झेलनी पड़ी। लोगों का कहना था कि उन्हें अपने जरूरी कार्यों के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पिछले मंगलवार को विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में भारतीय जनता पार्टी का दो दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया गया था। उस दौरान परिसर में बड़ी संख्या में चार पहिया और अन्य वाहन पूरे दिन आते-जाते रहे, लेकिन तब नो व्हीकल डे का नियम लागू नहीं किया गया। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नियम केवल आम लोगों पर लागू किए जा रहे हैं, जबकि विशेष आयोजनों के समय उन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है। वहीं मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि निदेशक प्रशासन एवं परिवीक्षण डॉ. सुशांत श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में नो व्हीकल डे विश्वविद्यालय कर्मियों के लिए लागू बताया गया है। इसके बावजूद सुरक्षा कर्मियों द्वारा आमजन को प्रवेश से रोकने पर लोगों ने नाराजगी जताई और विश्वविद्यालय प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।जबकि विश्वविद्यालय परिसर में ही आज भंडारे का आयोजन किया गया था इस भंडारे में विश्वविद्यालय के कर्मचारियों अधिकारियों समेत क्षेत्र के संभ्रांत लोगों को आमंत्रित किया गया था। क्षेत्रीय संभल लोग बिना प्रसाद लिए गेट से वापस लौट गए। विश्वविद्यालय के गेट नंबर1 और गेट नंबर 2के पास लोग अपनी मोटरसाइकिल चार पहिया वाहन खड़ी करके कार्यक्रम तक गए।
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नो व्हीकल डे पर आमजन रोके गए:कृषि विश्वविद्यालय प्रशासन पर दोहरे मानदंड के आरोप, हजारों परेशान