भोपाल2 घंटे पहले
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28 मई को सीबीआई ने गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था। 29 मई को उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया।
एक्ट्रेस और मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई ने पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह से पूछताछ के दौरान कई अहम बिंदुओं पर जवाब मांगे हैं। जांच का मुख्य फोकस कथित क्राइम सीन से छेड़छाड़, सीसीटीवी फुटेज के संग्रहण और डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण से जुड़े पहलुओं पर है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की हिरासत में गिरिबाला सिंह ने एंजायटी और घबराहट की शिकायत की है। बताया जा रहा है कि वह लगातार बेचैनी की बात कहकर पूछताछ से बचने का प्रयास कर रही हैं। हालांकि, सीबीआई की ओर से एक महिला डीएसपी उनसे लगातार पूछताछ कर रही हैं।
CBI ने FIR में दर्ज आरोपों, भूमिका को लेकर मांगा स्पष्टीकरण
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने पूर्व जज से पूछा कि उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर में लगाए गए गंभीर आरोपों पर उनका क्या स्पष्टीकरण है और शिकायतकर्ता पक्ष के आरोपों के बावजूद उनकी भूमिका को सीमित क्यों माना जाए।
एजेंसी ने यह भी सवाल उठाया कि ट्रायल कोर्ट ने केस डायरी, गवाहों के बयान और मृतका के परिजन द्वारा लगाए गए आरोपों पर पर्याप्त विचार क्यों नहीं किया।
हालांकि, गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बता रही हैं। उन्होंने सीबीआई के सामने यह आशंका भी व्यक्त की कि गर्भपात के बाद अवसाद में आने के कारण ट्विशा ने आत्मघाती कदम उठाया हो सकता है।

सीबीआई की टीम पूर्व जज गिरिबाला सिंह से पूछताछ कर रही है।
ट्विशा की बॉडी पर चोटों के निशानों को लेकर गिरिबाला से पूछताछ
पूछताछ के दौरान सीबीआई ने केस डायरी में दर्ज गवाहों के बयानों का हवाला देते हुए यह जानने की कोशिश की कि कई गवाह और परिवार के सदस्य लगातार प्रताड़ना और क्रूरता के आरोप क्यों लगा रहे हैं?।
एजेंसी ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों का भी जिक्र किया। जांच अधिकारियों ने पूछा कि मृतका के शरीर पर मिले कथित मृत्यु-पूर्व चोटों के निशान कैसे आए और उस समय परिवार के सदस्य मौके पर मौजूद थे या नहीं।
साथ ही यह भी जानने का प्रयास किया गया कि ये चोटें शव को संभालने की सामान्य प्रक्रिया से मेल क्यों नहीं खातीं। सूत्रों के मुताबिक, इन सवालों पर गिरिबाला सिंह ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और अधिकांश समय खामोश रहीं।
डिजिटल साक्ष्य पूछताछ का मुख्य आधार
सीबीआई ने वॉट्एसऐप चैट और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों को पूछताछ का प्रमुख आधार बनाया है। एजेंसी ने शादी के बाद ट्विशा शर्मा और ससुराल पक्ष के संबंधों, संभावित विवादों और मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से जुड़े आरोपों पर विस्तृत जवाब मांगे हैं।
इसके अलावा गर्भावस्था को लेकर परिवार में हुई चर्चाओं और ट्विशा पर कथित दबाव डाले जाने के आरोपों के संबंध में भी सीबीआई ने कई सवाल पूछे हैं।

29 मई को रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। जहां से दोनों को 5-5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया।
CBI ने पूछा- कई नोटिस के बावजूद पूछताछ में देरी क्यों हुई?
जांच एजेंसी ने हाईकोर्ट में प्रस्तुत अपने पक्ष का हवाला देते हुए यह भी पूछा कि कई नोटिस जारी होने के बावजूद पूछताछ में उपस्थित होने में देरी क्यों हुई।
साथ ही यह स्पष्ट करने को कहा गया कि क्या जानबूझकर जांच से दूरी बनाई गई थी या किसी दस्तावेज, संचार रिकॉर्ड अथवा अन्य साक्ष्यों को छिपाने का प्रयास किया गया था। गिरिबाला सिंह ने किसी भी प्रकार के साक्ष्यों से छेड़छाड़ या उन्हें छिपाने के आरोपों से साफ इनकार किया है।
यह रहे पूछताछ में शामिल सबसे महत्वपूर्ण सवाल
पूछताछ का सबसे अहम हिस्सा कथित डिजिटल साक्ष्यों से जुड़ा रहा। जांचकर्ताओं ने पार्लर के सीसीटीवी फुटेज का जिक्र करते हुए सवाल किया कि फुटेज निकालते दिखाई दिए तीन वकीलों को वहां किसने भेजा था।
एजेंसी ने यह भी जानना चाहा कि क्या यह कार्रवाई साक्ष्य सुरक्षित करने के उद्देश्य से की गई थी या डिजिटल रिकॉर्ड के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ का प्रयास था। सीबीआई ने घटना स्थल की स्थिति में संभावित बदलाव, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के संग्रहण और पुलिस को सूचना देने में हुई कथित देरी को भी जांच के केंद्र में रखा है।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसी अब गवाहों के बयान, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल डिवाइसों से प्राप्त डेटा और पूछताछ के दौरान दिए गए जवाबों का आपस में मिलान कर रही है।
जांचकर्ताओं का मानना है कि इन तथ्यों के विश्लेषण से यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के बाद साक्ष्यों को प्रभावित करने या जांच की दिशा बदलने का कोई प्रयास किया गया था या नहीं।

ट्विशा शर्मा और समर्थ सिंह की शादी 9 दिसंबर 2025 को हुई थी।
12 मई की रात ट्विशा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी
12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स में ट्विशा की संदिग्ध हालात में मौत हुई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है।

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