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ललितपुर में मौसम विज्ञान विभाग ने 31 मई तक आंधी, तूफान और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने शनिवार शाम को एक आदेश जारी किया। इस आदेश के तहत 31 मई तक जलाशयों में नौका विहार और झरनों/जलाशयों के समीप जाना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध मुख्यमंत्री और राहत आयुक्त द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद लगाया गया है। उन्होंने संभावित प्रतिकूल मौसम (भारी वर्षा, आंधी-तूफान, आकाशीय बिजली) के मद्देनजर जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोकने के लिए बचाव कार्यवाहियों पर जोर दिया था। जिला प्रशासन पहले से ही आमजन के लिए विभिन्न माध्यमों से सुरक्षात्मक एडवाइजरी जारी कर रहा है। जिलाधिकारी ने सभी नागरिकों, नौका संचालकों और पर्यटन संचालकों को मौसम विभाग द्वारा 28 मई से 31 मई तक जारी अलर्ट का पालन करने का निर्देश दिया है। इस अवधि में तीव्र आंधी-तूफान, वज्रपात और भारी वर्षा की संभावना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंधी-तूफान के दौरान जलाशयों में नौका विहार संचालित नहीं किया जाएगा। साथ ही, अलर्ट की अवधि में झरनों और जलाशयों के समीप जाना भी वर्जित रहेगा। इन निर्देशों का पालन न करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के अध्याय-10 के अनुच्छेद 51 (ख) के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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ललितपुर में आंधी-तूफान अलर्ट, डीएम ने लगाया प्रतिबंध:31 मई तक झरना, जलाशय और नौका विहार पर रोक