प्रसूता मौत मामले में तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच:डीएम ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट, अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और वसूली का आरोप


सीतापुर में शहर कोतवाली इलाके में शुक्रवार देर रात आरोग्यम् हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर के बाहर प्रसूता का शव रखकर हंगामे के मामले ने तूल पकड़ लिया है। परिजनों के अस्पताल संचालकों पर लगे इलाज में लापरवाही और वसूली के आरोपों के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। जिलाधिकारी राजा गणपति आर. ने देर रात पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। बताया जाता है कि बट्सगंज स्थित आरोग्यम् हॉस्पिटल में हुए प्रसव ऑपरेशन के बाद लखनऊ रेफर हुई महिला की लखनऊ में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने शव वापस लाकर अस्पताल में रखते हुए डॉक्टर पर लापरवाही, गलत ऑपरेशन और इलाज में अनियमितता के आरोप लगाए थे। काफी देर चले हंगामे के बाद परिजनों ने सड़क जाम कर दी थी। देर रात मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन हरकत में आ गया।
जांच समिति में उपजिलाधिकारी सदर, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार देशमणि तथा जिला महिला चिकित्सालय की प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. चित्रा सोनकर को शामिल किया गया है।जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप कुमार श्रीवास्तव द्वारा संयुक्त रूप से जारी आदेश में समिति को पूरे मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति को अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण करने के साथ-साथ सभी अभिलेखों और उपचार संबंधी दस्तावेजों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मामले की पूरी तथ्यात्मक रिपोर्ट 30 मई 2026 की शाम पांच बजे तक जिलाधिकारी कार्यालय में पेश की जाएगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मृतका के परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग कर रहे हैं। सीओ सिटी कपूर कुमार का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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